नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान ने आज यहां अपनी तीन दिवसीय महानिदेशक स्तर की सीमा वार्ता शुरू कर दी और जम्मू कश्मीर में संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाओं को विराम देने के लिए वहां अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नयी रणनीति बनाने का फैसला किया। दोनों पड़ोसी देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता में इस बात को उत्साहजनक माना जा रहा है कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पाकिस्तान रेंजर्स की बातचीत को एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया है ताकि नए नियमों और रणनीतियों पर चर्चा हो सके और उन्हें अंतिम रूप दिया जा सके। एक शीर्ष सरकारी सूत्र ने कहा, बातचीत की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि सीमा पर शांति और अमन बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है और इसे अमल में लाने की जरूरत है।
तय एजेंडा के अनुसार बातचीत आज समाप्त होने वाली थी क्योंकि कल पाकिस्तान रेंजर्स को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से उनके साउथ ब्लॉक स्थित कार्यालय पर मुलाकात करनी है और बाद में पाकिस्तान उच्चायोग में अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात करनी है। दिल्ली में पाकिस्तान रेंजर्स के दौरे के आखिरी दिन 12 सितंबर को दोनों पक्षों के बीच बातचीत के संयुक्त रिकॉर्ड पर दस्तखत किए जाने हैं जिसके बाद मेहमान इस्लामाबाद के लिए रवाना हो जाएंगे।
सूत्र ने कहा, हां, बातचीत को एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया है और संघर्ष विराम उल्लंघनों को रोकने तथा भारत-पाक सीमा को शांत बनाने के लिए निर्धारित किए जाने वाले प्रोटोकॉल पर फैसला करने के लिए कल एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के प्रमुख डी के पाठक ने यहां शाम को केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए के एक सार्वजनिक समारोह में पीटीआई से कहा कि पहले दिन की बातचीत से भारतीय पक्ष खुश है।