मुंबई: केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि मानसून यदि बेहतर रहा तो खाद्य महंगाई कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने नाबार्ड स्थापना दिवस समारोह में यहां कहा, "ऐसा लगता है कि इस साल इंद्र देव की हमारे ऊपर गत वर्ष के मुकाबले अधिक कृपा है।
जून महीने की भांति बारिश आगे भी बेहतर रहने की उम्मीद जताते हुए उन्होंने कहा कि कृषि विभाग को देश के अधिकतर हिस्से में बेहतर बारिश रहने की उम्मीद है, जिससे तिलहन और दलहन की अच्छी पैदावार होगी, जिसकी महंगाई को लेकर अभी चिंता देखी जा रही है।
उन्होंने कहा, "उम्मीद है कि हमारा अनुमान सच निकलेगा।"
मंत्री ने शनिवार को जारी प्रथम तिमाही की अप्रत्यक्ष कर वसूली से संबंधित आंकड़ों का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा, "शनिवार के प्रथम तिमाही के लिए अप्रत्यक्ष कर वसूली के आंकड़े से पता चलता है कि नए आर्थिक फैसलों को छोड़ भी दिया जाए, तो भी सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क और सेवा कर की वसूली गत वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 14.5 फीसदी अधिक रही है।"
मंत्री ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर तथा सरकार द्वारा उठाए जाने वाले ऐसे कई अन्य कदमों से विकास दर 8-10 फीसदी तक ले जाने की कल्पना निश्चित रूप से साकार होगी।
सरकार द्वारा उठाए गए हाल के कुछ कदमों के कारण हुई अतिरिक्त वसूली को भी शामिल कर लिया जाए, तो समग्र अप्रत्यक्ष कर वसूली में प्रथम तिमाही में साल-दर-साल आधार पर 37.4 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई है।
कर वसूली बढ़ाने वाले हाल के कदमों में शामिल हैं डीजल और पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में वृद्धि, स्वच्छ ऊर्जा उपकर में वृद्धि, मोटर वाहन और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु को दी गई छूट की समाप्ति और जून में सेवा कर को 12.36 फीसदी से बढ़ाकर 14 फीसदी किया जाना।
शनिवार को जारी आंकड़े के मुताबिक, प्रथम तिमाही में कुल अप्रत्यक्ष कर वसूली 1,53,980 करोड़ रुपये की हुई, जो एक साल पहले समान अवधि में 1,12,094 करोड़ रुपये थी। यह 37.4 फीसदी वृद्धि है।
अकेले जून में अप्रत्यक्ष कर वसूली 33.3 फीसदी बढ़ी।