नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की ओर से चलाए जा रहे कथित जासूसी नेटवर्क के बारे में रक्षा मंत्रालय को अलर्ट किया है। आईएसआई नौकरी के मौके और वित्तीय मदद मुहैया कराने का लालच देकर पूर्व सैनिकों का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है।
खुफिया सूचनाओं पर कार्रवाई करते हुए गृह मंत्रालय ने बताया है कि उत्तर भारत में पूर्व सैनिकों का एक फर्जी संगठन तैयार किया गया है जो पूर्व सैनिकों को नौकरी के मौके और वित्तीय मदद मुहैया कराने का वादा करता है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि संगठन ने पहले कुछ पूर्व सैनिकों की मदद की लेकिन धीरे-धीरे उसकी दिलचस्पी विभिन्न रक्षा प्रतिष्ठानों की जानकारी हासिल करने में हो गई। संगठन के कुछ प्रमोटरों ने तो कुछ पूर्व सैनिकों से यह भी कहा कि वह अपने सेवारत साथियों के संपर्क में रहें और क्षेत्र की संरचना के बारे में सूचनाएं इकट्ठा करने की कोशिश करें। इन बातों से पूर्व सैनिकों के मन में शंकाएं पैदा हुईं।
सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्रालय ने रक्षा मंत्रालय से यह भी कहा है कि वह मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करे। एक जासूसी नेटवर्क के मामले में चल रही जांच के बीच गृह मंत्रालय ने रक्षा मंत्रालय को अलर्ट किया है।
इस नेटवर्क के सिलसिले में वायुसेना से बर्खास्त किए जा चुके अधिकारी रंजीत केके ने कथित तौर पर ऐसे जासूसों से संवेदनशील सूचनाएं साझा की थीं, जिन्हें आईएसआई का समर्थन प्राप्त था। रंजीत को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।