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जेटली ने कहा, तस्करों और आतंकवादियों के खिलाफ मिलकर लड़ा जाए

 Written By: India TV News Desk
 Published : Apr 20, 2016 10:40 pm IST,  Updated : Apr 20, 2016 10:40 pm IST

संयुक्त राष्ट्र: केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आतंकियों और मादक पदार्थ के तस्करों के गठजोड़ के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय लड़ाई को सख्त बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यही गठजोड़ दशकों से भारत में

Finance Minister Arun Jaitley - India TV Hindi
Finance Minister Arun Jaitley

संयुक्त राष्ट्र: केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आतंकियों और मादक पदार्थ के तस्करों के गठजोड़ के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय लड़ाई को सख्त बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यही गठजोड़ दशकों से भारत में हमलों के लिए जिम्मेदार है। जेटली ने मादक पदार्थ समस्या पर मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र की आम सभा के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए कहा, "भारत नशे के सौदागरों द्वारा आंशिक रूप से वित्त पोषित सीमापार आतंकवाद से पिछले सात दशकों से पीड़ित है।"

उन्होंने कहा कि नशे के सौदागरों और आतंकियों के नेटवर्क के बढ़ते रिश्ते ने पूरे क्षेत्र की शांति, सुरक्षा और स्थायित्व को खतरे में डाल दिया है। हमें इन बुराइयों के खिलाफ अपनी सामूहिक लड़ाई मजबूती से जारी रखनी होगी। वित्तमंत्री ने कहा, "कितना भी गहन एवं सच्चे ढंग का राष्ट्रीय प्रयास हो, वह ड्रग्स की समस्या से समुचित ढंग से नहीं निपट पाएगा। इसके लिए द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सहयोग अनिवार्य है। हमारे देश के कानून में न्यायिक एवं कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच इस तरह के सहयोग के पर्याप्त प्रावधान हैं।"

उन्होंने कहा कि भारत नशे की बुराई से लड़ने के लिए साउथ इंडिया रीजनल इंटेलीजेंस एंड कोऑर्डिनेशन सेंटर (एसएआरआईसीसी) नाम से क्षेत्रीय संगठन बना रहा है। भारत, भूटान, नेपाल, म्यांमार, बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव इसके संस्थापक सदस्य हैं।

पाकिस्तान और म्यांमार का नाम लिए बगैर जेटली ने कहा कि इनकी वजह से भारत को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। नशे और आतंक के गठजोड़ ने दुनिया में ड्रग्स की समस्या को लेकर भारत के रुख को परिभाषित कर दिया है। उन्होंने कहा कि अवैध ढंग से अफीम, गांजा, भांग और कोकीन की खेती कर तस्करी के जरिए जिन देशों से ले जाया जाता है उन्हें कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन देशों और नशीली दवाओं से जुड़े आतंकवाद के शिकार देशों पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।

उन्होंने मादक पदार्थ नियंत्रण के लिए वैकल्पिक विकास को एक महत्वपूर्ण पहलू बताया और ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई के लिए विकासशील देशों को अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, अतिरिक्त वित्तीय साधन के प्रावधान व तकनीकी सहयोग मुहैया कराने का आह्वान किया। जेटली ने यह चेतावनी भी दी कि मादक पदार्थो का मनोरंजन के साधन के तौर पर इस्तेमाल से केवल यह समस्या बढ़ेगी। कुछ जगहों पर नशीली दवाओं के इस्तेमाल को कानूनी बनाने का रुख है। हालांकि उन्होंने सीधे किसी का नाम नहीं लिया।

भारत एकमात्र ऐसा देश है जिसे औषधि एवं वैज्ञानिक मकसद के लिए अफीम की गोंद पैदा करने और निर्यात करने की इजाजत है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की महानिदेशक मारग्रेट चान ने कहा कि दुनिया भर में 2.7 करोड़ लोगों को नशे की लत है। हर साल चार लाख लोगों की मौत नशीली दवाओं के सेवन से होती है। इस सम्मेलन में ड्रग्स की समस्या से निपटने के लिए एक व्यापक, समेकित एवं संतुलित रुख अपनाने का प्रस्ताव भी स्वीकार किया गया।

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