नई दिल्ली: जेएनयू में देश विरोधी नारेबाज़ी के आरोपी छात्रों में से एक आशुतोष कुमार ने आज पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है। वहीं दो छात्रों, उमर ख़ालिद और अनिर्बान, की पुलिस रिमांड आज ख़त्म हो रही है। सुरक्षा वजहों से उमर ख़ालिद और अनिर्बान को आज कोर्ट की बजाय पुलिस स्टेशन में ही जज के सामने पेश किया जाना है। जेएनयू में 9 फरवरी को नारेबाजी के मामले में छह छात्रों पर देशद्रोह का आरोप लगा था। इनमें से अब चार पुलिस की गिरफ्त में है, जबकि पुलिस को रामा नागा और अनंत प्रकाश नारायण की तलाश है।
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने दक्षिण दिल्ली के एक थाने में जेएनयूएसयू के अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बन भट्टाचार्य से पहली बार एक साथ पूछताछ की। सूत्र ने बताया कि पूछताछ के पहले चरण में कन्हैया को खालिद और भट्टाचार्य के साथ अलग अलग बैठाकर सवाल जवाब किए गए। दूसरे चरण में तीनों से एक साथ पूछताछ की गई। पूछताछ कम से कम दो टीमों ने की। उन्होंने दावा किया कि कन्हैया अब तक इस बात पर कायम है कि वह 9 फरवरी को अपने कमरे से तब बाहर आया था जब उसे परिसर के अंदर कार्यक्रम को लेकर दो समूहों के बीच संभावित टकराव के बाबत जानकारी मिली थी और उसने कार्यक्रम से खुद को अलग कर लिया।
सूत्र ने दावा कि खालिद अब तक किसी भी तरह के राष्ट्र विरोधी नारेबाजी में शामिल होने से इनकार कर रहा है, जबकि भट्टाचार्य ने इन दावों को चुनौती दी कि जिन नारों को पुलिस ने रेखांकित किया है वे राष्ट्र विरोधी प्रकृति के हैं। तीनों से एक साथ पूछताछ कर पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि कार्यक्रम का आयोजक कौन था। रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए थे। वहां क्या हुआ था और कार्यक्रम के वीडियो फुटेज में दिखे बाहरी लोगों की पहचान भी पुलिस करने की कोशिश कर रही है।
प्राथमिकी के साथ संबद्ध एक बयान में, पुलिस ने खालिद और भट्टाचार्य की पहचान मुख्य आयोजक के तौर पर की है और बाद में अदालत में भी जांचकर्ताओं ने विदेशी तत्वों (बाहरी) की मौजूदगी के बारे में जिक्र किया था। दिल्ली की एक अदालत ने जेएनयूएसयू के अध्यक्ष कन्हैया को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था। इससे पहले अभियोजन ने कहा था कि उन्हें कन्हैया का जेएनयू के गिरफ्तार छात्र खालिद और भट्टाचार्य से आमना सामना कराना है, क्योंकि जेएनयू कार्यक्रम को लेकर उनके बयानों में अंतर है।
कन्हैया को 12 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था और उसे पांच दिन बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। खालिद और भट्टाचार्य ने सोमवार को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। इससे एक दिन पहले वे विश्वविद्यालय परिसर में नजर आए थे।