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JNU का सच जिसकी सालाना फीस है मात्र 219 रुपये!

 Written By: India TV News Desk
 Published : Feb 17, 2016 01:15 pm IST,  Updated : Feb 17, 2016 01:15 pm IST

नई दिल्ली: भारत की जनता की खून-पसीने की कमाई से प्राप्त टैक्स के अनुदान से संचालित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) इन दिनों विवादों में है। इसके मद्देनजर JNU को फंड देने पर रोक लगाने की

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नई दिल्ली: भारत की जनता की खून-पसीने की कमाई से प्राप्त टैक्स के अनुदान से संचालित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) इन दिनों विवादों में है। इसके मद्देनजर JNU को फंड देने पर रोक लगाने की मांग होने लगी है। JNU दक्षिण एशिया के टॉप कॉलेजों में से एक हैं। कैंपस में भारत विरोधी नारे लगाने के कारण भारत के लोग इन्हें मिलने वाले फंड को रोकने की अपील कर रहे हैं। भारत में 1975 से 1977 में लगने वाली इमरजेंसी के बाद यह पहली बार है कि JNU का कोई प्रेसीडेंट गिरफ्तार हुआ है। अगर हम JNU को मिलने वाले फंड की बात करें तो आपको जानकर हैरानी होगी कि यहां पर कमरे का किराया 11 रुपये प्रतिमहीना है, सालाना फीस 219 रुपये है जिसे आप दो किस्तों में भर सकते हैं। यहां मेस का बिल आरक्षित है। यहां पर बनाए गए ज्यादातर कमरे भारत के लोगों द्वारा दिए गए टैक्स से बनाए गए हैं।

मौजूदा समय में यहां पर 22 होस्टल हैं जिनकी संख्या 1990 में 11 थी। इन होस्टल में कॉलेज के बच्चों के अलावा बाहर के लोग भी रात में आकर रहते हैं। यहां पर हर 15 छात्रों के लिए एक शिक्षक है। JNU में भारतीय सरकार 3 लाख रुपये प्रति छात्र खर्च करती है। JNU में पढ़ने वाले छात्रों की कुल संख्या 350 है, शिक्षकों की संख्या 60 है यानी कि छात्र और शिक्षकों का अनुपात 1:6 है। यहां पर साल 2015-16 में प्रति छात्र पर 12 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। साल 2014-15 की बात की जाए तो सरकार ने प्रति छात्र पर 11.26 लाख रुपये खर्च किए थे। वहीं देखा जाएं तो सरकार IIT के प्रति छात्र पर 3.5 लाख रुपये खर्च करती है।

भारत में जितने भी लोग टैक्स देते हैं वह सभी चाहते हैं कि उनके टैक्स से जितने भी लोगों को लाभ पहुंच रहा है वह उनका आदर करें। भारत में केवल 3 फीसदी लोग टैक्स भरते हैं। एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश भारत में टैक्स जीडीपी का अनुपात पुरू दुनिया में सबसे कम है।

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