₹50 लाख से अधिक आय वाले करदाताओं के लिए यह संकेत है कि विभाग की निगरानी अब पूरी तरह डेटा-आधारित और तकनीकी हो चुकी है। छोटी सी गलती भी आगे चलकर बड़ी जांच या दंड का कारण बन सकती है।
जानकारों का कहना है कि नए प्रावधानों में फॉर्म के नंबर बदल सकते हैं, हालांकि प्रोसेस में कोई बड़ा बदलाव आने की संभावना बहुत कम है। कहा जा कहा है कि सरकार पुराने और नए फॉर्म नंबरों को कुछ समय तक पैरेलल रूप से चलाने की अनुमति दे सकती है।
हैदराबाद के कई पॉपुलर बिरयानी आउटलेट इनकम टैक्स के राडार पर हैं। जांच में 70 हजार करोड़ टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी डेटा एनालिसिस और वेरिफिकेशन प्रोसेस पूरा होने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।
टीसीएस और टीडीएस दोनों का उद्देश्य सरकार को टैक्स कलेक्शन में मदद करना है, लेकिन टीडीएस सीधे आय से और टीसीएस बिक्री के समय एकत्र किया जाता है।
आयकर विभाग ने बुधवार को 10 फरवरी तक के नेट Direct Tax कलेक्शन के आंकड़े जारी किए। यह एक ऐसा टैक्स है जिसे करदाता सीधे सरकार को चुकाता है।
सरकार की तरफ से देशभर में Bharat Taxi की शुरुआत का फायदा आम लोगों और कैब ड्राइवरों को होने जा रहा है। सबसे खास बात है कि किराये में कोई सर्ज प्राइसिंग नहीं है।
नया आयकर अधिनियम 2025 सरल भाषा, कम धाराओं और डिजिटल फॉर्म्स के साथ आएगा। ये बदलाव मुख्य रूप से अनुपालन आसान बनाने, विवाद कम करने और करदाताओं के प्रति विश्वास बढ़ाने पर केंद्रित हैं।
सरकार का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में पर्सनल इनकम टैक्स और कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन सहित कुल डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 26.97 लाख करोड़ रुपये रह सकता है।
बजट 2026 में सैलरीड क्लास या टैक्सपेयर्स के लिए मोटर एक्सीडेंट मुआवजे, मैनपावर सर्विसेज और Form 15G / 15H की प्रक्रिया सहित कई मामलों में राहत देने का ऐलान किया है। इन घोषणाओं के बाद आपको काफी सुविधा होगी।
करदाताओं के लिए जानकारों की यही सलाह है कि अपनी आय, कटौतियों और भविष्य की योजनाओं के आधार पर दोनों रेजिम की तुलना जरूर करें और उस आधार पर रेजिम तय करें।
टैक्स रिफंड का इंतजार कर रहे लाखों करदाताओं के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। आयकर विभाग की गहन जांच में खुलासा हुआ है कि एक लाख से ज्यादा लोगों ने टैक्स बचाने और बड़ा रिफंड पाने के लिए फर्जी दावे किए, जिसके चलते एक लाख रुपये से ज्यादा के रिफंड फिलहाल रोक दिए गए हैं।
चीन ने अपने एक अजीबोगरीब फैसले के तहत देश के युवक-युवतियों को बिना कंडोम और बिना बर्थ कंट्रोल पिल का इस्तेमाल किए शारीरिक संबंध बनाने को प्रोत्साहित करना शुरू किया है। इसके पीछे का कारण आपको चौंका देगा।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक, इस अवधि में सिक्यॉरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स से कलेक्शन साल भर पहले की समान अवधि के मुकाबले 44,867 करोड़ रुपये पर लगभग स्थिर रहा।
जानकारों का कहना है कि इसका मुख्य कारण टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा कड़ी जांच है। जानकारों का यह भी कहना है कि रिफंड में देरी सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट टैक्सेजज (सीबीडीटी) द्वारा शुरू की गई NUDGE पहल के दूसरे फेज के कारण हो रही है।
भारत में निवेश करने वाले NRI निवेशकों के लिए यह मामला किसी मिसाल से कम नहीं है। मुंबई की एक महिला ने भारत में म्यूचुअल फंड निवेश से करीब 1.35 करोड़ रुपये की कमाई की और उस पर भारत में एक भी रुपया टैक्स नहीं चुकाया।
नया टैक्स सिस्टम 1 फरवरी, 2026 से लागू होगी। मंत्रालय ने स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर अधिनियम को भी अधिसूचित किया है, जिसके तहत पान मसाला से जुड़े बिजनेस की मैन्यूफैक्चरिंग कैपेसिटी पर सेस लगाया जाएगा।
सरकार का कहना है कि यह पहल न केवल ड्राइवरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि यात्रियों के लिए भी बेहतर और सुविधाजनक सेवाएं सुनिश्चित करेगी। सहकारिता मंत्रालय की पहल के तहत यह ऐप लाया जा रहा है और इसमें होने वाला पूरा मुनाफा सीधे ड्राइवरों को मिलेगा।
यह एक इनोवेटिव टैक्सी सर्विस है जिसमें ग्राहकों को कैब, ऑटो और बाइक टैक्सी बुक करने का ऑप्शन मिलेगा और यह सब एक खासतौर से डेवलप किए गए एप्लिकेशन के जरिए किया जा सकेगा।
देश के बड़े शहरों में जब भी कैब की जरूरत पड़ती है, लोग सबसे पहले Uber या Ola खोलते हैं। लेकिन अब लोगों को जल्द ही एक नया ऑप्शन भी मिलने वाला है। भारत टैक्सी ऐप 1 जनवरी 2026 से पूरे देश में लॉन्च होने जा रहा है और इससे यात्रियों को बेहतर और भरोसेमंद सेवा मिलने की उम्मीद की जा रही है।
चीन ने आश्चर्यजनक रूप से अपने देश में कंडोम समेत अन्य गर्भ निरोधक वस्तुओं पर हाई टैक्स लगा दिया है। इसका मतलब साफ है कि बीजिंग फिर से अपने देश में जनसंख्या को बढ़ावा देना चाहता है। मगर ऐसा क्यों है?
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़