पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के दूसरे सबसे महत्वपूर्ण नेता सैफुल्लाह कसूरी ने पाकिस्तानी सेना से संगठन के संबंधों को स्वीकार किया है और एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में भीड़ को संबोधित करते हुए इस बात की पुष्टि की। खुफिया सूत्रों ने अज्ञात तिथि पर दिए गए उसके भाषण के वीडियो को प्रामाणिक बताया है। वीडियो में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकों की हत्या के लिए जिम्मेदार आतंकी संगठन का उप-प्रमुख सैफुल्लाह कसूरी लाल गुब्बारों से सजे एक ऊंचे मंच पर खड़ा दिखाई दे रहा है। इस वीडियो को देखकर उसके मंसूबे का पता चल रहा है।
भारत के खिलाफ फिर उगला जहर
वायरल हो रहे इस वीडियो में स्कूल का लोगो आधा दिखाई दे रहा है। लश्कर-ए-तैबा (LeT) के इस आतंकी ने वीडियो में कहा, "पाकिस्तान की सेना मुझे जनाजे की नमाज पढ़ाने के लिए आमंत्रित करती है। क्या आप जानते हैं कि भारत भी मुझसे डरता है?" लश्कर-ए-तैयबा के नेता की स्वीकारोक्ति भारत के लिए कोई आश्चर्य की बात नहीं है, जिसने सदियों से पाकिस्तान के राज्य-प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा उठाया है।
खुफिया जानकारी से पता चला है कि पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किए गए भारत के सटीक आतंकवाद-विरोधी अभियान, ऑपरेशन सिंदूर के छह महीने बाद, जम्मू और कश्मीर को निशाना बनाकर पाकिस्तान समर्थित आतंकी गतिविधियों में खतरनाक वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में संकेत दिया गया था कि लश्कर-ए-तैयबा और एक अन्य पाकिस्तान समर्थित आतंकी समूह, जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम), हमलों की एक नई लहर के लिए लामबंद हो रहे हैं।
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर की दी चेतावनी
भारत ने खुफिया जानकारी को "गंभीर चेतावनी" बताया है और संकेत दिया कि भारतीय सेना और खुफिया नेटवर्क उत्तरी कमान के सभी क्षेत्रों में हाई अलर्ट पर हैं। भारत ने कहा है कि अगर पाकिस्तान का "आतंकवाद का निर्यात" बिना किसी रोक-टोक के जारी रहता है, तो ऑपरेशन सिंदूर का नया चरण शुरू करना होगा।