1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. कल्‍पना चावला ने कहा था , “मैं अंतरिक्ष के लिए ही बनी हूं और इसी के लिए ही मरूंगी।”

कल्‍पना चावला ने कहा था , “मैं अंतरिक्ष के लिए ही बनी हूं और इसी के लिए ही मरूंगी।”

 Written By: India TV News Desk
 Published : Feb 01, 2016 05:54 pm IST,  Updated : Feb 01, 2016 05:59 pm IST

नई दिल्ली: कल्‍पना चावला, जैसा नाम वैसी ही सपनों भरी जिंदगी, जो चाहा वह कर दिखाया और भारत की इस बेटी ने एस्‍ट्रोनॉट बनकर अपनी जिंदगी का एक मकसद तय किया और सफलता की एक

kalpana chawla- India TV Hindi
kalpana chawla

नई दिल्ली: कल्‍पना चावला, जैसा नाम वैसी ही सपनों भरी जिंदगी, जो चाहा वह कर दिखाया और भारत की इस बेटी ने एस्‍ट्रोनॉट बनकर अपनी जिंदगी का एक मकसद तय किया और सफलता की एक ऐसी इबारत लिखी जिसको जमाने ने बड़े गौर से पढ़ा देखा और सुना। आज ही के दिन 1 फरवरी 2003 को कोलंबिया स्‍पेस शटल के दुर्घटनाग्रस्‍त होने के साथ कल्‍पना की उड़ान रुक गई थी, लेकिन इससे पहले वह जो कर गई वह एक मिसाल है,जिस पर भारत को ही नहीं पूरी दुनियां को नाज है।

करनाल में हुआ जन्‍म

कल्पना चावला का जन्म 17 मार्च 1962 को हरियाणा के करनाल में हुआ। उनकी मां संजयोती चावला और पिता बनारसी चावला थे। इनके परिवार में कल्पना 4 भाईयों और बहनों में सबसे छोटी थी। कल्पना को प्यार से मोंटू कहा जाता था।

और उस दिन कल्‍पना की सपनों की उड़ान थम गई
1 फरवरी 2002 को धरती पर वापस आने के क्रम में यह यान पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश करते ही टूटकर बिखर गया। इस घटना में कल्पना के साथ छह अन्य अंतरिक्ष यात्रियों की भी मौत हो गई। कल्‍पना की जिंदगी की पटकथा भी कमाल की है उनका हर एक पल जिंदगी की उड़ान की कहानी कहता है कल्‍पना चावला ने कहा था, “मैं अंतरिक्ष के लिए ही बनी हूं। प्रत्येक पल अंतरिक्ष के लिए ही बिताया है और इसी के लिए ही मरूंगी।”  और ऐसा ही कुछ विधाता की लिखी पटकथा में भी कल्‍पना के लिए तय था।

कल्पना चावला एक भारतीय अमरीकी अंतरिक्ष यात्री और अंतरिक्ष शटल मिशन विशेषज्ञ थी वह अंतरिक्ष में जाने वाली प्रथम भारतीय महिला थी। वे कोलंबिया अन्तरिक्ष यान आपदा में मारे गए सात यात्री दल सदस्यों में से एक थीं।

1995 में नासा के अंतरिक्ष यात्री कोर में शामिल हुई
 कल्पना ने मार्च 1995 में नासा के अंतरिक्ष यात्री कोर में शामिल हुईं और उन्हें 1998 में अपनी पहली उड़ान के लिए चुना गया था। उनका पहला अंतरिक्ष मिशन 19 नवम्बर 1997 को छह अंतरिक्ष यात्री दल के हिस्से के रूप में अंतरिक्ष शटल कोलंबिया की उड़ान एसटीएस-87 से शुरू हुआ। कल्पना जी अंतरिक्ष में उड़ने वाली प्रथम भारत में जन्मी महिला थीं और अंतरिक्ष में उड़ाने वाली भारतीय मूल की दूसरी व्यक्ति थीं।

अगली स्लाइड में पढ़ें कैसा था कल्पना का पहला मिशन

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत