मुंबई: इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ रजत शर्मा को आज मुंबई के प्रतिष्ठित के.सी. कॉलेज में सम्मानित किया गया। इस दौरान वे कॉलेज के दिवंगत प्रिंसिपल के.एम कुंदनानी (KM kundanani) की स्मृति में आयोजित लेक्चर सीरीज में छात्रों से मुखातिब हुए। उन्होंने छात्रों को सीख दी कि अगर संघर्ष करने की लगन हो तो कामयाबी जरूर मिलेगी।
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रजत शर्मा ने छात्रों को बताया कि दस साल पहले नरेंद्र मोदी 'आप की अदालत' में आए थे। 26/11 हमले को लेकर जब उनसे सवाल पूछा कि अगर वो देश के पीएम होते तो पूरे मामले को कैसे हैंडल करते तब नरेंद्र मोदी ने जो कहा था वो उन्होंने दस साल बाद करके दिखा दिया। उन्होंने बताया कि 2009 में जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो आप की अदालत में आए और उनसे यह सवाल पूछा गया कि यदि 26/11 हमले के वक्त आप देश के प्रधानमंत्री होते तो क्या करते? इसपर नरेंद्र मोदी ने कहा था कि पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देना चाहिए, ये लव लेटर लिखना बंद करना चाहिए। रजत शर्मा ने कहा कि मोदी जी बड़े तेज तर्रार है जब आप की अदालत में आये थे तब पाकिस्तान को लेकर उनकी जो भूमिका थी उसी पर आज अमल कर रहे हैं।
रजत शर्मा ने छात्रों से कहा कि अगर लगन होगी संघर्ष करने की तैयारी होगी तो कामयाबी जरूर मिलेगी। खुद का संघर्ष से सफलता तक का उदाहरण भी रजत जी ने स्टूडेंट्स के सामने रखा। के सी कॉलेज के स्वर्गीय कुंदनानी ने जिस तरह संघर्ष किया। वैसे ही मेरा जीवन भी संघर्ष भरा रहा। 10 बाय 10 के कमरे में रहते थे। जहां पानी-बिजली की सुविधा नही थी।
रजत शर्मा ने उनके सबसे सुपर हिट शो आप की अदालत को जीवन का टर्निंग पॉइंट बताया। कहा कि आप की अदालत में आये शख्सियतों से भी बहुत कुछ सीखा। उनहोंने के सी कॉलेज के स्टूडेंट रहे और अपने दौर के सुपर स्टार राजेश खन्ना का जिक्र किया और उनका एक डायलॉग भी स्टूडेंट्स को सुनाया। उन्होंने सफलता का मुकाम हासिल करने के बाद अहंकार न करने की सलाह दी।
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