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केरल में सामने आए कोविड-19 के 7,163 नए मामले, 482 और लोगों की मौत

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 26, 2021 08:38 pm IST,  Updated : Oct 26, 2021 08:38 pm IST

इस बीच ब्रिटेन में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के नेतृत्व में किए गए एक अध्ययन में कहा गया है कि एस्ट्राजेनेका या फाइजर के वैक्सीन की तुलना में कोविड ​​​-19 से तंत्रिका तंत्र संबंधी दुर्लभ स्थितियों का कारण बनने की अधिक संभावना है।

Kerala clocks 7,163 new COVID cases, 482 deaths- India TV Hindi
केरल में मंगलवार को कोविड-19 से 482 लोगों की मौत हो गई। Image Source : PTI

तिरुवनंतपुरम: केरल में मंगलवार को कोविड-19 से 482 लोगों की मौत हो गई और संक्रमण के 7,163 नए मामले सामने आए हैं। नए मामलों के बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 49,19,952 हो गई जबकि मृतक संख्या 29,355 पर पहुंच गई। राज्य सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि 482 मरीजों की मौत के मामलों में से 90 लोगों की मौत पिछले कुछ दिनों में हुई है जबकि 341 वैसे मृतक हैं, जिनके नाम पर्याप्त दस्तावेज की कमी की वजह से पिछले साल 18 जून तक दर्ज नहीं हो पाए थे। 

वहीं केंद्र के नए दिशानिर्देश और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार अपील के आधार पर 51 लोगों की मौत के पीछे कोविड-19 को वजह माना गया। विज्ञप्ति में बताया गया कि अब तक 48,24,745 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और 74,456 मरीजों का उपचार चल रहा है। राज्य में सबसे ज्यादा 974 नए मामले त्रिशूर जिले से सामने आए।

इस बीच ब्रिटेन में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के नेतृत्व में किए गए एक अध्ययन में कहा गया है कि एस्ट्राजेनेका या फाइजर के वैक्सीन की तुलना में कोविड ​​​-19 से तंत्रिका तंत्र संबंधी दुर्लभ स्थितियों का कारण बनने की अधिक संभावना है।

अध्ययन में कहा गया है कि सार्स-कोव-2 संक्रमण और ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका या फाइजर-बायोएनटेक के कोविड-19 वैक्सीन से जुड़ी तंत्रिका तंत्र संबंधी दुर्लभ जटिलताओं की खबरें आई हैं। नेचर मेडिसिन पत्रिका में सोमवार को प्रकाशित अध्ययन में पूरे इंग्लैंड में तीन करोड़ 20 लाख से अधिक लोगों के अनाम स्वास्थ्य रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया। अध्ययन रिपोर्ट में कहा गया कि वैक्सीन की तुलना में कोविड-19 से दुर्लभ मस्तिष्क स्थितियों का अधिक जोखिम है। 

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