नई दिल्ली: आसाराम यौन शोषण मामले में तीसरे गवाह की बरेली के निजि अस्पताल में मौत हो गई। कृपाल सिंह को बाइक सवार बदमाशों ने शाहजहांपुर में गोली मार दी थी। जिसके बाद कृपाल सिंह को गंभीर हालत में बरेली रेफर कर दिया गया था, जहां बीती रात साढ़े दस बजे उनकी मौत हो गई।
आसाराम यौनशोषण मामले में पिछले 36 महीनों में 12 गवाहों पर जानलेवा हमले हुए हैं। ऐसा आरोप है कि जिसने भी यौन उत्पीड़न के आरोप में जेल में बंद आसाराम के खिलाफ मुंह खोला उसे गोलियों का सामना करना पड़ा है।
कृपाल सिंह आसाराम के खिलाफ यौन शोषण के मामले में मुख्य गवाह थे। कृपाल सिंह की गवाही के चलते ही आसाराम पिछले 36 महीनों से जेल की सलाखों से बाहर नहीं निकल सके।
कृपाल सिंह रेप पीड़ित लड़की के पिता के ट्रांसपोर्ट का काम करते थे। करीब 4 महीने पहले उन्होंने मीडिया को एक आडियो सौंपा था। जिसमें आसाराम जेल में बैठकर अपने गुर्गों से बात कर रहा था। तब भी कृपाल सिंह ने अपनी जान को ख़तरा बताया था लेकिन गवाहों पर लगातार हो रहे हमलों के बावजूद भी उन्हें कोई सुरक्षा नहीं दी गई।
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