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इस दुर्गा पूजा पर कोलकाता में टूटेंगी कौन-सी प्राचीन रूढ़ियां, जानिए

 Written By: India TV News Desk
 Published : Oct 20, 2015 12:04 am IST,  Updated : Oct 20, 2015 01:18 pm IST

नई दिल्ली: दुर्गा पूजा के इतिहास में पहली बार कोलकाता के लोग ट्रांसजेंडर दुर्गा प्रतिमा को पूज रहे हैं। यह प्रतिमा शिव के अर्धनारीश्वर (आधा पुरुष- आधा स्त्री) अवतार से प्रेरित है। दरअसल इस मुहिम

ट्रांसजेंडर दुर्गा...- India TV Hindi
ट्रांसजेंडर दुर्गा मां को पूज रहे हैं कोलकातावासी

नई दिल्ली: दुर्गा पूजा के इतिहास में पहली बार कोलकाता के लोग ट्रांसजेंडर दुर्गा प्रतिमा को पूज रहे हैं। यह प्रतिमा शिव के अर्धनारीश्वर (आधा पुरुष- आधा स्त्री) अवतार से प्रेरित है। दरअसल इस मुहिम के जरिए हाशिए पर जा चुके ट्रांसजेंडर समाज को पूजा में शरीक करने की कोशिश की गई है।

कोलकाता की इस गली में होगा अलग तरह की दुर्गा पूजा का आयोजन

पश्चिम बंगाल में हर साल दुर्गा-पूजा के मौके पर मां दुर्गा की हजारों प्रतिमाएं बनाई जाती हैं। हर गली-नुक्कड़ में दुर्गा पूजा का जश्न अपने ही तरीके से मनाया जाता है। इनमें से कुछ आयोजन बड़े पैमाने पर होते हैं, तो कुछ अन्य उतने बड़े नहीं होते, लेकिन इस साल उत्तरी कोलकाता की जॉय मित्रा स्ट्रीट में दुर्गा पूजा को एक अलग अंदाज में मनाया जा रहा है। कोलकाता की यह गली देश के ऐसे पहले स्थान में शुमार होने चुकी है, जहां पर दुर्गा की ट्रांसजेंडर प्रतिमा स्थापित की गई है।

इस बार ट्रांसजेंडर कम्युनिटी के लोग भी होंगे दुर्गा पूजा में शामिल

दि बेटर इंडिया के अनुसार कोलकाता स्थित Pratyay Gender Trust एक स्थानीय क्लब उद्यमी युवक बृंदा’ के साथ मिलकर अपनी तरह की पहली दुर्गा पूजा का आयोजन करने जा रहा है। यह आयोजन इस पवित्र संदेश का प्रचार-प्रसार करेगा कि समाज को बांटने वाली चीजों से ज्यादा महत्वपूर्ण है मानवता। यह क्लब पिछले 27 साल से दुर्गा पूजा का आयोजन कर रहा है, लेकिन यह पहली बार है कि उसने ट्रांसजेंडर कम्युनिटी के सदस्यों को पूजा में शामिल करने का फैसला किया है।

एक महिला मूर्तिकार ने दिया अर्धनारीश्वर प्रतिमा को साकार रूप

अर्धनारीश्वर जैसी प्रतिमा – जिसमें आधे पुरुष और आधी महिला को दर्शाया गया है – के आधे हिस्से को मूंछ, कवच और पुरुषों के पहनने वाली धोती में दिखाया गया है, जबकि बाकी आधे हिस्से को मां दुर्गा का रूप दिया गया है। इस प्रतिमा की कल्पना 55 साल के ट्रांसजेंडर भानु नास्कर की थी औऱ कुमोरतुलि की एकमात्र महिला मूर्तिकार चीना पाल ने इस प्रतिमा को बनाया है।

अलग तरह की दुर्गा पूजा के आइडिया का फेसबुक कैंपेन काफी चर्चित 

दरअसल भानु ने ही सबसे पहले ट्रांसजेंडर्स को दुर्गा पूजा में शामिल करने के बारे में सोचा और इस बारे में दुर्गा पूजा कमेटी से संपर्क किया। पहले तो भानु के इस अलग तरह की प्रतिमा वाले आइडिया को सहजता से स्वीकार नहीं किया गया, पर फिर धीरे-धीरे मौखिक प्रचार औऱ मीडिया के सहयोग से लोगों ने इस आइडिया को स्वीकृति दे दी। इस अलग तरह की दुर्गा पूजा के लिए धन की व्यवस्था करने के लिए फेसबुक पर भी एक कैंपेन चलाया जा रहा है, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं औऱ सहयोग भी कर रहे हैं।

आखिरकार इस रविवार टूटेंगी सभी रूढ़ियां

आखिरकार इस रविवार को, कोलकाता की जॉय मित्रा स्ट्रीट में प्राचीन रुढ़ियों को तोड़कर सभी जेंडर्स के लोगों को एक ऐसी प्रतिमा के सामने गले लगाया जाएगा, जिसे पहले कभी नहीं देखा गया। अगर आप भी दुर्गा पूजा के मौके पर कोलकाता में हैं, तो इस अलग तरह के दुर्गा पूजा महोत्सव में ज़रूर शामिल होइए।

(साभार: दि बेटर इंडिया)

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