नई दिल्ली: नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेस सांसदों के हंगामे की वजह से मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही अंतत: पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया और राहुल को झटका देते हुए उनकी उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने निचली अदालत द्वारा उनके खिलाफ जारी समन को रद्द करने का अनुरोध किया था।
लोकसभा में अपनी सीट पर बैठीं सोनिया गांधी संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव प्रताप रूडी की ओर गुस्से से इशारा करती देखी गईं। इस बीच रूडी सूखे पर चर्चा करने के इच्छुक संसद सदस्यों से मिले। दो बार स्थगित होने के बाद जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो उपाध्यक्ष एम. थांबीदुरई ने सोमवार को सूखे पर चल रही चर्चा को आगे जारी रखने के लिए कहा। लेकिन कांग्रेस सदस्य नारे लगाते हुए अध्यक्ष की आसंदी के नजदीक चले गए।
कांग्रेस सांसद नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया और राहुल को अदालत की ओर से समन जारी किए जाने को लेकर सुबह से ही हंगामा कर रहे थे। उच्च न्यायालय द्वारा सोनिया और राहुल की याचिका रद्द किए जाने का मतलब यह है कि उन दोनों को अब 19 दिसंबर को अदालत में पेश होना पड़ेगा।
कांग्रेस ने इसे 'भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बदले की भावना से प्रेरित राजनीति' करार दिया। रूडी ने कहा कि सदन और देश जानना चाहता है कि ऐसा क्या मुद्दा है जिससे कांग्रेस सदस्य इतने गुस्से में हैं। रूडी ने आगे कहा कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस सदस्य 'सदन से बाहर' के मामले को लेकर नाराज हैं। लेकिन 'देश में सभी के लिए कानून बराबर हैं' और इसमें सरकार का कोई हाथ नहीं है।
उपाध्यक्ष ने कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से पूछा कि क्या वह कुछ कहना चाहते हैं। लेकिन खड़गे ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया और कहा कि उन्हें इससे पहले उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया था। रूडी इसके बाद सीधे तेलंगाना राष्ट्र समिति के सदस्य ए. पी. रामचंद्र रेड्डी से मुखातिब हुए और कहा कि तेलंगाना सूखे की मार से जूझ रहा है।
इस पर सोनिया ने रूडी की ओर क्रोध से देखा। लेकिन रूडी मुस्कुराते रहे। रूडी ने फिर कहा कि ऐसा लग रहा है कि सोनिया गांधी को उनके अन्य दलों के सदस्यों के साथ बातचीत करने पर कुछ आपत्ति है। सोनिया ने तृणमूल कांग्रेस के सदस्य सुदीप बंदोपाध्याय से भी कुछ बात की।
बार-बार अनुरोध करने पर भी जब कांग्रेस सदस्य अपनी सीटों पर नहीं गए तो उपाध्यक्ष ने अपराह्न 3.0 बजे सदन की कार्यवाही तीसरी बार स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई तो इस बार कांग्रेस सदस्यों के साथ तृणमूल कांग्रेस भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गई। कांग्रेस सदस्यों द्वारा लगातार विरोध किए जाने के कारण सदन को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया।