भोपाल: मध्य प्रदेश में हुए व्यापमं घोटाले के मुख्य आरोपी राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा रविवार की सुबह जेल से बाहर आ गए। जेल से बाहर आने पर मंत्री के समर्थकों ने खुशियां मनाईं और उनका जोरदार स्वागत किया। जेल परिसर के बाहर इकट्ठा हुए शर्मा के समर्थकों ने यहां नारेबाजी भी की। गौरतलब है कि लक्ष्मीकांत शर्मा को शनिवार को ही जेल के बाहर आना था लेकिन कुछ जरूरी कागजी कार्यवाही पूरी न हो पाने के कारण उन्हें रविवार सुबह तक का इंतजार करना पड़ा।
देश विदेश तक छाया रहा व्यापमं घोटाला
मध्यप्रदेश में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश एवं कुछ सरकारी नौकरियों में भर्ती के लिए परीक्षाएं आयोजित करने वाले व्यावसायिक परीक्षा मंडल व्यापमं में हुआ घोटाला, वर्ष 2015 के दौरान जहां देश और विदेशों तक में सुर्खियां बना, वहीं इसके कारण राजनीतिक उथल-पुथल से राज्य विधानसभा का बजट सत्र विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया और संसद के मानसून सत्र में भी गतिरोध बना रहा। इस साल 29 नवंबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसी गैर कांग्रेसी सरकार के मुख्यमंत्री के बतौर दस साल पूरे करने का कीर्तिमान कायम कर कांग्रेस की पूर्व सरकार के मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नाम दर्ज रिकार्ड की बराबरी कर ली। लेकिन व्यापमं घोटाले ने उनकी वि पर भी असर डाला।चौहान ने इस घोटाले की जांच विशेष कार्य बल एसटीएफ को सौंपी थी, जो उच्च न्यायालय के निगरानी में काम कर रहा था और उस पर भी नजर रखने के लिए उच्च न्यायालय ने एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में विशेष जांच दल एसआईएफ गठित कर रखा था।