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दुश्मनों के साथ भी शिष्टाचार बंगाल की संस्कृति है: ममता बनर्जी

 Written By: Bhasha
 Published : Jan 14, 2020 11:27 pm IST,  Updated : Jan 14, 2020 11:27 pm IST

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हालिया पश्चिम बंगाल यात्रा के दौरान उनसे मिलने को लेकर विपक्षी दलों के निशाने पर आयीं राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को किसी का नाम लिए बगैर कहा कि बंगाल की संस्कृति रही है कि वह दोस्तों और ‘दुश्मनों का भी’ शिष्टाचार के साथ आतिथ्य करता है।

West Bengal CM Mamata Banerjee and Prime Minister Narendra Modi- India TV Hindi
West Bengal CM Mamata Banerjee and Prime Minister Narendra Modi Image Source : TWITTER/PTI

कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हालिया पश्चिम बंगाल यात्रा के दौरान उनसे मिलने को लेकर विपक्षी दलों के निशाने पर आयीं राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को किसी का नाम लिए बगैर कहा कि बंगाल की संस्कृति रही है कि वह दोस्तों और ‘दुश्मनों का भी’ शिष्टाचार के साथ आतिथ्य करता है। संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के लिए भाजपा पर निशाना साधते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि यह कानूनी रूप से नागरिकों की नागरिकता छीनने और भगवा पार्टी को धन देने वाले विदेशियों को नागरिकता देने का ‘‘षड्यंत्र’’ है। 

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान उत्तर प्रदेश, एनआरसी विरोधी प्रदर्शनों के दौरान गुवाहाटी और दिल्ली में जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय परिसर में पार्टी शिष्टमंडल को प्रवेश की अनुमति नहीं देने को लेकर भाजपा की आलोचना की और कहा, ‘हमने दुश्मनों के साथ भी शिष्टाचार निभाया।’’ प्रधानमंत्री मोदी की हालिया कोलकाता यात्रा और तृणमूल कांग्रेस के शिष्टमंडल को विभिन्न जगहों से लौटाए जाने का हवाला देते हुए बनर्जी ने कहा, ‘‘राज्य में आने वालों के साथ शिष्टाचार निभाना बंगाल की संस्कृति है। हमें अपने अतिथियों का सम्मान करना आता है, हम अपने दुश्मनों के साथ भी विनम्र व्यवहार करते हैं। लेकिन आप लोगों (भाजपा) ने हमारे पार्टी के नेताओं को जम्मू, गुवाहाटी और जेएनयू जाने नहीं दिया।’’ 

उन्होंने प्रधानमंत्री की कोलकाता यात्रा के दौरान राजभवन में उनसे भेंट की थी। वह एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के साथ मंच पर भी दिखी थीं। भाजपा की मुखर आलोचक बनर्जी शुरुआत से ही इस विवादित कानून का विरोध कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग भाजपा को विदेशों से चंदा पाने और काले धन को सफेद करने में मदद करते हैं, उन्हें नागरिकता दी जा रही है। सीएए के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद के धरना मंच से बनर्जी ने सवाल किया, ‘‘क्या यह अधिनियम कानूनी रूप से नागरिकों की नागरिकता छीनने और भगवा पार्टी को धन देने वाले विदेशियों को नागरिकता देने का ‘‘षड्यंत्र’’ है।’’ 

कश्मीर के कुलगाम में अक्टूबर, 2019 में आतंकवादियों द्वारा बंगाली मजदूरों की हत्या का अप्रत्यक्ष हवाला देते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि अन्य राज्यों के लोगों को बंगाल में कोई खतरा नहीं है और वे सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, ‘‘दूसरे राज्यों में बंगाली मजदूरों के साथ कैसा व्यवहार हो रहा है? कुछ की क्रूरता से कश्मीर में हत्या कर दी गई। आप इस तरह से भेद-भाव कैसे कर सकते हैं? बंगाल में तमाम प्रदेशों के लोग काम करते हैं, लेकिन हम ऐसा कुछ नहीं करते।’’ बार-बार भारत और पाकिस्तान की तुलना करने को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए बनर्जी ने कहा, ‘‘क्या उनका पाकिस्तान के साथ कोई समझौता है या वे पाकिस्तान के ‘ब्रांड एम्बेसडर’ हैं। वे उनका प्रचार क्यों करते रहते हैं?’’

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