मथुरा: मथुरा के जवाहर बाग में शहीद एसपी मुकुल द्विवेदी की मौत गोली लगने की वजह से नहीं बल्कि पत्थर और लाठी से पीटकर की गई थी। मथुरा के डीएम ने इंडिया टीवी से बात करते हुए ये माना कि एसपी की मौत भीड़ के हमले में हुई उन्हें पत्थर लगा था और फिर भीड़ ने उन्हें पीट पीटकर मारडाला। शहीद एसपी का सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, जौनपुर में शहीद संतोष यादव का पार्शिर शरीर पहुंच गया है जहां आज उनका अंतिम संस्कार होगा।
SP, SO समेत 24 लोगों की मौत
बता दें कि गुरुवार शाम को एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष कुमार यादव जवाहर बाग को खाली कराने गए थे लेकिन उपद्रवियों ने उन पर फायरिंग कर दी जिसमें उन्हें गोली लग गई और वो शहीद हो गए। इस घटना में एसपी और एसओ समेत 24 लोगों की मौत हो गई है। पुलिस ने अपने जांबाज अफसरों को अंतिम विदाई दी। डीजीपी जावेद अहमद भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
शहीद की चिता पर आंसुओं का सैलाब
जौनपुर के पैतृक गांव में एसएचओ संतोष यादव का पार्थिव शरीर पहुंच गया है। आज उनका अंतिम संस्कार होगा। संतोष यादव की मां, भाभी बड़े भाई और उनके बच्चे भी गांव में ही रहते हैं । जौनपुर की पुलिस भी एसओ संतोष यादव के घर पहुंची और दुख की इस घड़ी में एसओ संतोष यादव के साथ काम कर चुके एसपी भी भावुक हो गए।
शहीद एसपी मुकुल द्विवेदी और शहीद एसओ संतोष यादव दोनों पुलिस फोर्स की टीम में सबसे आगे मौजूद थे। बम और गोलियां चलने के बावजूद दोनों अफसरों ने सिपाहियों को आगे करने के बजाए खुद सबसे आगे रहे और अपनी फोर्स का हौसला बढ़ाते रहे। दोनों जांबाज अफसरों ने ही सबसे पहले अपनी टीम के साथ जवाहर बाग में घुसने की हिम्मत जुटाई थी।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलासा, भीड़ ने पीट-पीटकर की थी एसपी की हत्या
मथुरा के डीएम राजेश कुमार ने माना की पोस्टमार्ट रिपोर्ट से साफ है कि एसपी मुकुल की हत्या गोली मारकर नहीं की गई बल्कि भीड़ ने पत्थर और लाठियों से पीटकर सिटी एसपी को मारडाला। एसओ संतोष यादव की मौत गोली लगने से हुई है।