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मुंबई में मुस्लिम युवती को फ्लैट से निकाला

 Written By: India TV News Desk
 Published : May 27, 2015 01:12 pm IST,  Updated : May 27, 2015 03:10 pm IST

मुंबई: एक बार फिर धर्म के नाम पर भेदभाव करने का मामला सामने आया है। मुंबई में पिछले साढ़े पांच सालों से रह रहीं मिस्बाह कादरी ने आरोप लगाया है कि मुस्लिम होने की वजह

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मुस्लिम होने की वजह से युवती को फ्लैट से निकाला

मुंबई: एक बार फिर धर्म के नाम पर भेदभाव करने का मामला सामने आया है। मुंबई में पिछले साढ़े पांच सालों से रह रहीं मिस्बाह कादरी ने आरोप लगाया है कि मुस्लिम होने की वजह से उन्हें वडाला इलाके में किराये के फ्लैट से निकाल दिया गया। उन्होंने कहा मैं जब से मुंबई आई हूं यहां भी मेरे साथ लगातार भेदभाव हो रहा है।

 
इस फ्लैट में शिफ्ट होने से एक दिन पहले ही अपार्टमेंट के ब्रोकर ने उन्हें आगाह किया था कि इस हाउसिंग सोसायटी में मुस्लिमों को किराये पर घर नहीं दिया जाता है। काफी जद्दोजहद के बाद ब्रोकर ने मिस्बाह कादरी को बताया कि उन्हें एनओसी पर साइन करना होगा, जिसमें लिखा होगा कि उनके धर्म की वजह से पड़ोसी उनके साथ किसी तरह का भेदभाव करते हैं तो फ्लैट का मालिक, बिल्डर और ब्रोकर कानूनी रूप से जिम्मेदार नहीं होगा। 
 
हालांकि, मिस्बाह इन शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं थीं, लेकिन वह फ्लैट में शिफ्ट कर गईं। इसकी वजह यह थी कि जिस फ्लैट में वह रह रही थीं, उसका नोटिस पीरियड खत्म हो चुका था और फ्लैट में पहले से रह रहीं दोनों युवती काफी सपोर्ट कर रही थीं। मिस्बाह कादरी को भरोसा था कि बाद में कोई न कोई समझौता हो जाएगा। लेकिन, एक सप्ताह के भीतर ब्रोकर ने फिर से उनसे संपर्क किया और फ्लैट से बाहर सामान फेंकवाने की धमकी देने लगा । मिस्बाह कादरी ने जब बिल्डर के प्रतिनिधि से बात की तो उसने बताया कि मुसलमान किरायेदार नहीं रखने की पॉलिसी है। आखिरकार थक-हार के उन्हें फ्लैट छोड़ना पड़ा।
 
25 वर्षीय मिस्बाह कादरी ने मीडिया को बताया कि, मैं वडाला ईस्ट की सांघवी हाइट्स सोसायटी के तीन बेडरूम वाले फ्लैट एक सप्ताह पहले ही शिफ्ट हुई थी। इस फ्लैट में दो हिन्दू युवतियां पहले से रह रही थीं और इन लोगों का संपर्क फेसबुक के जरिए हुआ था। इसके बाद मिस्बाह कादरी ने भी उनके साथ शिफ्ट होने का फैसला किया था।
 
सांघवी हाइट्स के सुपरवाइजर राजेश ने कहा कि उन्हें इस विवाद के बारे में कोई जानकारी नहीं है। राजेश ने कहा कि यह आरोप बिल्कुल गलत है कि इस सोसायटी में मुस्लिमों को किराये पर मकान नहीं दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह ब्रोकर और उस युवती के बीच का विवाद है।
 
इससे पहले मुंबई में एक डायमंड एक्सपोर्ट कंपनी द्वारा एक मुस्लिम युवक जीशान अली के आवेदन को यह कहते हुए खारिज कर दिया गया था कि कंपनी केवल गैर-मुस्लिमों को नौकरी पर रखती है।

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