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तलाक…तलाक…तलाक के खिलाफ हैं मुस्लिम महिलाएं !

 Written By: India TV News Desk
 Published : Aug 21, 2015 01:35 pm IST,  Updated : Aug 21, 2015 01:36 pm IST

नई दिल्ली: ज्यादर मुस्लिम महिलाओं ने एक साथ तीन दफा बोल कर तलाक देने की परंपरा को बदलने की मांग की है। हाल ही में हुए एक सर्वे के अनुसार देश की 92 फीसदी मुस्लिम

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तलाक…तलाक…तलाक के खिलाफ हैं मुस्लिम महिलाएं !

नई दिल्ली: ज्यादर मुस्लिम महिलाओं ने एक साथ तीन दफा बोल कर तलाक देने की परंपरा को बदलने की मांग की है। हाल ही में हुए एक सर्वे के अनुसार देश की 92 फीसदी मुस्लिम महिलाओं का मानना है कि तीन बार तलाक बोलने से रिश्ता खत्म होने का नियम एक तरफा है और इस पर रोक लगनी चाहिए।

महिलाओं ने माना कि तलाक से पहले कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए और इन मामलों में मध्यस्थता का प्रावधान होना चहिए।

सर्वें में शामिल 55 फीसदी औरतों की शादी 18 साल से कम उम्र में हुई और 44 फीसदी महिलाओं के पास अपना निकाहनामा तक नहीं है। सर्वे के मुताबिक 53.2 फीसदी मुस्लिम महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार हैं।

75 फीसदी औरतें चाहती थीं कि लड़की की शादी की उम्र 18 से ऊपर हो और लड़के की 21 साल से ऊपर होनी चाहिए। सर्वे के दौरान जो पता चला उसके मुताबिक 40 फीसदी औरतों को 1000 से भी कम मेहर मिली, जबकि 44 फीसदी को तो मेहर की रकम मिली ही नहीं।

सर्वे में शामिल 525 तलाकशुदा महिलाओं में से 65.9 फीसदी का जुबानी तलाक हुआ जबकि 78 फीसदी का एकतरफा तरीके से तलाक हुआ।

83.3 फीसदी मुस्लिम महिलाओं को लगता है कि मुस्लिम कानून लागू हो, तो उनकी पारिवारिक समस्याएं हल हो सकती हैं और सरकार को इसके लिए कदम उठाने की जरूरत है।

इस अध्ययन में शामिल 73.1 फीसदी महिलाओं ऐसी थीं, जिनके परिवार की सालाना आय 50 हजार रुपये से कम है।

सर्वे में शामिल 95.5 फीसदी मुस्लिम महिलाओं ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का नाम ही नहीं सुना।

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