नई दिल्ली: बांग्लादेश की लेखिका तस्लीमा नसरीन ने नमाज पढ़ने को लेकर विवादित बयान दिया है। तस्लीमा ने कहा है कि मुस्लिमों को 5 बार की जगह एक वक्त ही नमाज पढ़नी चाहिए। यही नहीं उन्होंने कहा है कि सार्वजनिक जगहों पर नमाज पढ़ने की आजादी नहीं होनी चाहिए। तस्लीमा ने नमाज पर ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने कहा कि ''स्कूल, कॉलेज, एयरपोर्ट और मार्केट सभी पब्लिक प्लेस पर प्रेयर रूम बंद होने चाहिए। आपको नमाज पढऩी है तो घर पर पढ़ें।''
तस्लीमा ने एक और ट्वीट किया है, जिसमें 5 वक्त के नमाज को एक बार ही करने की बात लिखी है। गौरतलब है कि तस्लीमा ने एक पिछले साल एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा था, 'मुझे मुस्लिम मत कहो, मैं एक नास्तिक हूं।' तस्लीमा ने ट्विटर पर शिवलिंग की 2 फोटो भी शेयर की थीं। जिसमें वह शिवजी के प्रति आस्था जताते हुए पूजा करती दिखी थीं। ये फोटो वायरल हुई थीं।
मुस्लिम पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की चार शादी के मसले पर केरल हाई कोर्ट के जज के सवाल करने पर तस्लीमा ने अपना समर्थन जताते हुए उन्हें सलाम किया था। जज जस्टिस बी. कमल पाशा ने पूछा था कि जब पर्सनल लॉ बोर्ड का फायदा उठाकर पुरुष चार शादी कर सकते हैं तो मु्स्लिम महिलाएं ऐसा क्यों नहीं कर सकती।
जानकारी के लिए बता दें कि तस्लीमा नसरीन मशहूर लेखिका हैं और बांग्लादेश से निकाली जा चुकी हैं। शुरुआत में वे पश्चिम बंगाल में रहीं। अब दिल्ली में रहती हैं। उन्होंने 'लज्जा' किताब लिखी थी जिसको लेकर काफी विवाद हुआ था।