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मिसाइल मैन के जीवन में मां का योगदान

 Written By: India TV News Desk
 Published : Jul 27, 2015 10:58 pm IST,  Updated : Jul 27, 2015 10:58 pm IST

नई दिल्ली: डॉ अब्दुल कलाम अपनी सफलता का श्रेय अपनी माँ को देते थे। उनके अनुसार, “मैं अपने बचपन के दिन नही भूल सकता, मेरे बचपन को निखारने में मेरी माँ का विशेष योगदान है।

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मिसाइल मैन के जीवन में मां का योगदान

नई दिल्ली: डॉ अब्दुल कलाम अपनी सफलता का श्रेय अपनी माँ को देते थे। उनके अनुसार, “मैं अपने बचपन के दिन नही भूल सकता, मेरे बचपन को निखारने में मेरी माँ का विशेष योगदान है। उन्होंने मुझे अच्छे-बुरे को समझने की शिक्षा दी। छात्र जीवन के दौरान जब मैं घर-घर अखबार बाँट कर वापस आता था, तो माँ नाश्ता तैयार रखती थीं। पढ़ाई के प्रति मेरे रुझान को देखकर मेरी माँ ने मेरे लिये छोटा-सा लैंप खरीदा था, जिससे मैं रात को 11 बजे तक पढ़ सकता था। माँ ने अगर साथ न दिया होता तो मैं यहां तक न पहुचता।“

उनके जीवन की एक घटना है, कि वह अपने भाई-बहनों के साथ खाना खा रहे थे। उनके यहाँ चावल खूब होता था, इसलिए खाने में वही दिया जाता था, रोटियाँ कम मिलती थीं। जब इनकी मां ने इनको रोटियां ज़्यादा दे दीं, तो इनके भाई ने उन्हें अलग ले जाकर सच बताते हुए कहा कि मां के लिए एक-भी रोटी नहीं बचीं, क्योंकि उन्होंने सारी रोटियां तुम्हें दे दी हैं। बहुत कठिन समय था वह। तब कलाम अपने जज़्बातों पर काबू नहीं पा सके और दौड़कर माँ के गले से जा लगे। उन दिनों कलाम कक्षा पाँच के विद्यार्थी थे। कलाम  को परिवार में सबसे अधिक स्नेह प्राप्त हुआ, क्योंकि वह परिवार में सबसे छोटे थे।

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