1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. नारद पुराण: दूसरों के कहने पर कभी न करें पूजा होगा नुकसान

नारद पुराण: दूसरों के कहने पर कभी न करें पूजा होगा नुकसान

 Written By: India TV News Desk
 Published : Sep 16, 2015 10:03 am IST,  Updated : Sep 16, 2015 10:07 am IST

नई दिल्ली: कहते हैं कि पूजा भक्ति और भाव से की जानी चाहिए। अगर हम अनमने ढंग से और बगैर किसी भाव के साथ पूजा करते हैं तो ऐसा करना व्यर्थ होता है। भगवान विष्णु

नारद पुराण: दूसरों के...- India TV Hindi
नारद पुराण: दूसरों के कहने पर कभी न करें पूजा होगा नुकसान

नई दिल्ली: कहते हैं कि पूजा भक्ति और भाव से की जानी चाहिए। अगर हम अनमने ढंग से और बगैर किसी भाव के साथ पूजा करते हैं तो ऐसा करना व्यर्थ होता है। भगवान विष्णु को समर्पित ग्रन्थ नारद पुराण ने ऐसे भावों के बारे में विस्तार से चर्चा की गई है जिनके साथ हमें कभी भी पूजा नहीं करनी चाहिए। वैसे भी हमें पूजा मन की शांति और ईश्वर का ध्यान लगाने के इरादे से करनी चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि कुछ चुनिंदा भावों के साथ की जाने वाली पूजा को फल हमें कभी भी नहीं मिलता है। हम आज अपनी खबर में बताएंगे कि नारद पुराण में ऐसे कौन के भावों का उल्लेख किया गया है जिनके साथ हमें कभी भी पूजा नहीं करनी चाहिए।

लोभ के चलते कभी न करें पूजा-

पूजा निस्वार्थ होनी चाहिए और इस दौरान मन में कोई भी दुर्भाव और छल-कपट की भावना नहीं होनी चाहिए। सबसे खास बात यह है कि अगर हम किसी खास लालच और स्वार्थ के चलते पूजा करते हैं तो हमें ऐसा कतई नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसी पूजा फलदायी नहीं होती। अगर हम बिना किसी स्वार्थ के पूजा करते हैं तभी हमारी पूजा फलदायी होती है। यानी पूजा श्रद्धाभाव और भक्ति में लीन होकर करनी चाहिए।

दूसरे भाव के बारे में जानने के लिए आगे क्लिक करें

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत