नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रेडियो प्रोग्राम 'मन की बात' में देश को संबोधित किया। PM मोदी आज 19वीं बार 'मन की बात' करते हुए कहा कि, पंचायती राज व्यवस्था हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूत कड़ी बन गई है और इसी संदर्भ में ग्राम कैसे आत्मनिर्भर बने, अपनी योजना कैसे बनाये इस दिशा में ठोस पहल की जा रही है।
PM मोदी ने कहा कि, शिक्षा का विस्तार महत्वपूर्ण है और अब विस्तार के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर बल देने की जरूरत है और दिशा में प्रयास हो रहे हैं। शिक्षा में प्रौद्योगिकी का महत्वपूर्ण योगदान है और यह शिक्षा व्यवस्था को सरल बनायेगा। एनसीसी जैसे संगठनों से युवाओं को प्रेरणा मिलती है, एक राष्ट्रीय दृष्टिकोण पनपता है, ऐसे संगठनों में नयी जान फूंकनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि, भारत उदय का आधार ग्राम उदय है और हम भारत उदय के लिए जोर देते रहेंगे।
PM मोदी ने कहा कि, कई राज्य जल संकट से जूझ रहे हैं, पानी के संबंध में संवेदनशीलता जरूरी है। शुद्ध पीने का पानी जीडीपी वृद्धि का कारण बन जाता है। बारिश का पानी, गांव का पानी, गांव में रोकने के लिए सामूहिक प्रयत्न करने की जरूरत। गंगा जीवनदायिनी नदी है, गंगा से हमें रोजीरोटी और जीने की नयी ताकत मिलती है, हम सबको सफाई और स्वच्छता के संदर्भ में बदलाव का वाहक बनना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि, एक करोड़ परिवारों ने स्वेच्छा से एलपीजी गैस सब्सिडी छोड़ दी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने के लिए न्यायपालिका के साथ काम करने को तैयार है।
अपने पिछले कार्यक्रम में मोदी ने फीफा और क्रिकेट पर बात की था। उन्होंने छात्रों से अपनी छुट्टियों के दौरान कुछ सार्थक कार्य करने की अपील की साथ ही लोगों से मधुमेह और देश से टीबी जैसी बीमारी को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया था। मन की बात का पहला कार्यक्रम 3 अक्तूबर 2014 को प्रसारित हुआ था।