कोटपुतली (जयपुर): दिल्ली-जयपुर के बीच 32 हजार 800 करोड़ रुपए की लागत से एक नया एक्सप्रेसव बनाने के प्रस्ताव पर सरकार विचार कर रही है। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए व्यवहार्यता अध्ययन करवा लिया गया है जिसपर गौर किया जा रहा है। इसके लिए 2800 हैक्टयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा जिसपर 18 हजार करोड रुपए खर्च आएगा। उम्मीद है कि दिसंबर तक यह जनता के लिए तैयार कर दिया जाएगा।
225 किलोमीटर के एक्सप्रेस हाईवे को होना था 2011 तक पूरा
गुडगांव-दिल्ली के बीच छह लेन के एक्सप्रेस हाईवे की समीक्षा के बाद गडकरी ने कहा कि दिल्ली जयपुर के बीच 261 किलोमीटर के नए ग्रीनफील्ड राजमार्ग के लिए व्यवहार्यता अध्ययन कर लिया गया है। यह एक्सप्रेसवे राष्ट्रीय राजमार्ग आठ पर दक्षिण दिल्ली के इंदिरागांधी एयरपोर्ट से शुरू होकर दौलतपुरा में मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग-8 पर खत्म होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और गुलाबी नगर के बीच दूरी कम करने के लिए गुडगांव-जयपुर के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग आठ पर छह लेन की परियोजना कई दिनों से लम्बित है और इसे दिसम्बर तक जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। गडकरी ने कहा कि 225 किलोमीटर के एक्सप्रेस हाईवे को 2011 तक पूरा होना था लेकिन परियोजना में भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण, कानूनी पेचदीगियों, वित्तीय संसाधनों की परेशानियों के चलते अप्रत्याक्षित देरी हुई। गडकरी ने कहा कि परियोजना में 57 फलाईओवर में से केवल सात फ्लाईओवर पर कार्य पूरा होना बाकी है। कार्य प्रगति पर है।
एक्सप्रेस हाईवे को दिसंबर तक किया जाएगा जनता को समर्पित
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, केन्द्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह और प्रदेश के सडक परिवहन मंत्री यूनुस खान की मौजूदगी में गडकरी ने कहा कि धारूहेडा के पास फलाईओवर पर कार्य चल रहा है और दिसम्बर तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। बाकी कार्य दो तीन महिनों के अतिरिक्त समय में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि एक्सप्रेस हाईवे को दिसम्बर में जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि परियोजना के पूरा होने पर इस मार्ग पर हादसों में कमी आयेगी। उन्होंने कहा कि सर्विस लेन का निर्माण किया जाएगा और ग्रीन हाईवे के लिए पौधे लगाए जाएंगे।
हाईवे का विकास होगा राजमार्ग के रूप में
गडकरी ने कहा कि सरकार ने पूरी लागत का एक प्रतिशत हरियाली के लिए पेड पौधे लगाने के लिए रखना तय है। उन्होंने कहा कि हाईवे का विकास राजमार्ग के रूप में किया जाएगा। पेड पौधे और फूलो से राजमार्ग को सुंदर बनाया जाएगा और इनका रखरखाव भी किया जाएगा।