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निर्भया गैंगरेप का नाबालिग दोषी 20 दिसंबर को होगा रिहा, अदालत ने नहीं रोकी रिहाई

 Written By: PTI
 Published : Dec 18, 2015 04:06 pm IST,  Updated : Dec 19, 2015 09:35 am IST

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने निर्भया गैंगरेप मामले में दोषी रहे नाबालिग की रिहाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है, जिससे साफ हो गया है कि नाबालिग दोषी को 20 दिसंबर को

Nirbhaya Gang-Rape Convict To Walk Free, Court did not Stop...- India TV Hindi
Nirbhaya Gang-Rape Convict To Walk Free, Court did not Stop It

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने निर्भया गैंगरेप मामले में दोषी रहे नाबालिग की रिहाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है, जिससे साफ हो गया है कि नाबालिग दोषी को 20 दिसंबर को सुधारगृह से रिहा कर दिया जाएगा। नाबालिग दोषी की रिहाई के खिलाफ सुब्रह्मण्यम स्वामी ने पिटिशन दायर की थी। निर्भया के माता-पिता और रिश्तेदार फैसले को देखते हुए दिल्ली आए थे और उन्हें कड़ी पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी। निर्भया की मां अदालत के फैसले से संतुष्ट नहीं दिखीं।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि 16 दिसम्बर 2012 के दिल्ली सामूहिक दुष्कर्म के दोषी 'किशोर' को और अधिक समय तक सुधार गृह में नहीं रखा जा सकता। मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी और न्यायाधीश जयंत नाथ ने कहा कि अपराध के समय किशोर रहे इस दोषी को 20 दिसंबर के बाद सुधार गृह में नहीं रखा जा सकता। 20 दिसंबर इस अपराधी की रिहाई का दिन है।पीठ ने कहा, "इस आशय का कोई निर्देश नहीं हो सकता कि 20 दिसंबर के बाद इसे (अपराधी को सुधार गृह में) रखा जाए। "

इससे पहले दिसंबर 16 के दिन लोकसभा में भाजपा सदस्यों हेमा मालिनी और मिनाक्षी लेखी ने निर्भया कांड के एक दोषी को इस आधार पर सजा नहीं दिए जाने पर रोष जताया था कि वह अपराध के वक्त जुवेनाइल (किशोर) था और साथ ही जुवेनाइल की उम्र को फिर से 18 की बजाय 16 वर्ष करने की मांग की गई थी।

हेमामालिनी ने सदन में शून्यकाल के दौरान यह मामला उठाते हुए तीन साल पहले 16 दिसंबर के ही दिन हुए निर्भया कांड पर अपनी भावना व्यक्त की और कहा कि दिल्ली में हुई इस घटना को लेकर पूरा देश स्तब्ध और शर्मशार हुआ था। उन्होंने कहा था कि यह अच्छी बात है कि अन्य को सजा हुई लेकिन इस जुवेनाइल को क्यों छोड़ दिया जाना चाहिए। उसे भी एक वयस्क के रूप में माना जाना चाहिए और एक वयस्क के रूप में ही उसे सजा दी जानी चाहिए।

भाजपा की ही मीनाक्षी लेखी ने जुवेनाइल की उम्र को पुन: 16 वर्ष करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि जो बच्चे 16 से 18 वर्ष की उम्र के हैं, उनकी संख्या मोलेस्टेशन के मामलों में 136 प्रतिशत और रेप के मामलों में 60 प्रतिशत बढ़ी है। उन्होंने कहा था कि वर्ष 2000 तक जुवेनाइल की उम्र 16 वर्ष मानी जाती थी। 2000 में इस कानून में संशोधन किया गया और इस उम्र को बढ़ाकर 18 वर्ष कर दिया गया। इसे वापस 16 साल किया जाना चाहिए।

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