नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में किशोर दोषी की रिहाई के खिलाफ इंडिया गेट के पास प्रदर्शन कर रहे बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रविवार को हिरासत में ले लिया जिसमें 16 दिसम्बर 2012 सामूहिक बलात्कार पीडि़ता निर्भया के अभिभावक भी शामिल थे।
आज 16 दिसम्बर सामूहिक बलात्कार मामले के दोषी किशोर को रिहा कर दिया गया है। हालांकि उसे कुछ दिनों के लिए दिल्ली स्थित एक एनजीओ को सौंप दिया गया है। प्रदर्शन शाम करीब पांच बजे शुरू हुआ और आधे घंटे के भीतर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी राजपथ के एक हिस्से में एकत्रित हो गए। इन प्रदर्शनकारियों में अधिकतर छात्र एवं सामाजिक कार्यकर्ता थे। इससे सड़क बाधित हो गई। प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए जल्द ही कई पुलिस टीमों को तैनात किया गया जिसमे कई महिला अधिकारी भी शामिल थीं। प्रदर्शनकारी केंद्र एवं दिल्ली सरकारों के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। चलती बस में हुए सामूहिक बलात्कार की पीड़िता पैरामेडिकल छात्रा की मां आशा देवी और पिता बद्री सिंह पांडेय को समझा बुझाकर अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ बस में ले जाया गया।
नाबालिग अपराधी की रिहाई से निर्भया के मां-बाप निराश-
निर्भया मामले के नाबालिग अपराधी की रिहाई से निराश निर्भया की मां के सब्र का बांध आज टूट गया। अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने राजपथ पर बैठी एक मां आज फफक पड़ी उन्होंने कहा कि सरकार ने उन जैसी लाखों माओं के दर्द को नहीं समझा उनकी तीन साल की मेहनत बेकार गई। वहीं लड़की के पिता ने कहा कि हमारे इतने प्रयासों को बाद वह छूट गया। निर्भया के पिता ने कहा कि अब क्राइम बढ़ेगा और किसी भी बेटी सुरक्षित नहीं रह पाएगी।