नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई स्टार्ट-अप इंडिया योजना से उद्यमशीला को बढ़ावा मिलेगा और इसमें न्यूनतम सरकारी दखल भी कम होगा। जेटली ने विज्ञान भवन में आयोजित 'स्टार्ट-अप इंडिया' से संबंधित दिनभर के कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में कहा, "स्टार्ट-अप इंडिया से परंपराएं बदलेंगी। इसमें सरकार की भूमिका केवल सुविधाएं प्रदान करने वाले की होगी।"
पिछले बजट में भी एक फंड बनाने का सुझाव दिया गया था
जेटली ने कहा कि सरकार ने पहले ही बिजनेस फ्रेंडली टैक्स प्रणाली पर काम किया है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन की जरूरत को पहचानते हुए पिछले साल बजट में एक फंड बनाने का सुझाव दिया गया था। जेटली ने स्टार्टअप्स को आश्वस्त किया कि बैंकिंग प्रणाली और सरकार दोनों ही उनके लिए संसाधन उपलब्ध कराएंगे।
प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया - हम 1991 के लाइसेंस राज से निकले बाहर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम में इस योजना को औपचारिक रूप से लांच करने वाले हैं। उन्होंने कहा, "हम 1991 के लाइसेंस राज के दौर से बाहर निकल आए हैं।" इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि वह इस योजना की औपचारिक शुरुआत को लेकर आश्वस्त हैं। मोदी ने ट्वीट कर कहा, "आज स्टार्ट-अप इंडिया अभियान शुरू होने जा रहा है। यह हमारे देश के युवाओं की ऊर्जा और उद्यमशीलता का प्रतीक है। इससे संबंधित कार्यक्रम में शाम को शामिल रहूंगा।"