नोएडा: अरुणा शानबाग का रेप करने वाला सोहनलाल वाल्मीकि को एनटीपीसी ने सोमवार को नौकरी से निकाल दिया। इसके साथ ही, गांव की पंचायत के बाद पंचों ने भी सोहनलाल को गांव से निकालने का आदेश दे दिया है। वह दादरी स्थित एनटीपीसी प्लांट में एक सफाई कर्मचारी की नौकरी कर रहा था। पूरा मामला मीडिया में आने के बाद सोहनलाल की सच्चाई सबके सामने आ गई जिसके कारण NTPC प्रबंधन के आदेश पर सीआईएसएफ ने उसका गेट पास जब्त कर लिया था।
सोहनलाल 26 साल से हापुड़ जिले के पारपा गांव में परिवार के साथ रह रहा था। पांच साल से NTPC में काम करते हुए वहां के कर्मचारियों को उसकी करतूत की भनक तक नहीं थी।
27 नवंबर, 1973 को सोहनलाल ने मुंबई के किग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल (केईएम) में नर्स अरुणा शानबाग से दुष्कर्म करने की कोशिश की अरुणा के विरोध करने पर चेन से अरुणा का गला दबा दिया था। जिसके कारण अरुणा 42 साल तक कोमा में रहीं।
18 मई को अरुणा शानबाग की मृत्यु हो गई थी।