नई दिल्ली: 29 जनवरी को हुई ओला कैब के CEO भाविश अग्रवाल की दादी और चाची की हत्या के 5 दिन बाद भी पुलिस को दोषियों का सुराग नहीं मिला है। भावीश की दादी, 84 साल की पुष्पावती अग्रवाल और चाची डॉ. सरिता अग्रवाल को शेर-ए-पंजाब कॉलोनी स्थित घर में मर्डर कर दिया गया। मर्डर के सिलसिले में पुलिस ने घर में काम करने वाली लड़की पूजा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था, जिसे बाद में रिहा कर दिया गया।
भावीश की चाची डॉ. सरिता अग्रवाल एक स्त्री रोग विशेषज्ञ थीं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मर्डर के लगभग 1 घंटे पहले दोपहर 12:43 बजे पूजा के मोबाइल फोन से पुलिस ब्लैंक कॉल किया गया था जो कि 2 सेकंड में काड दी गई थी। दोनों की हत्या दोपहर लगभग 1:30 बजे हुई थी।
पोस्टमॉर्टम के मुताबिक, दोनों हत्याओं में मृतकों के ऊपर हथौड़े जैसी भारी चीज से भी वार किया गया था। छानबीन में पुलिस को वारदात की जगह पर इस तरह की कोई चीज़ नहीं मिली है। हालांकि, पुलिस को वारदात की जगह पर रसोईं में इस्तेमाल होने वाले 2 चाकू मिले, जिनमें से एक चाकू टूटा हुआ था। दोनों महिलाओं के सिर, गले, बांह और पैर पर कई जगह चोट के निशान थे।
पुलिस को घर में काम करने वाले 2 ड्राइवरों पर भी शक है, जो पहले यहां काम करते थे। पुलिस का यह भी मानना है कि यह मामला पुरानी रंजिश का भी हो सकता है।