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पीए संगमा का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक

 Written By: Bhasha
 Published : Mar 04, 2016 01:26 pm IST,  Updated : Mar 04, 2016 01:28 pm IST

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पी.ए संगमा का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 68 वर्ष के थे। संसद सूत्रों ने बताया कि संगमा का निधन आज सुबह दिल का दौरा पड़ने से हुआ।

PA Sangma
- India TV Hindi
PA Sangma

नई दिल्ली:  पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पी.ए संगमा का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 68 वर्ष के थे। संसद सूत्रों ने बताया कि संगमा का निधन आज सुबह दिल का दौरा पड़ने से हुआ। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने उनके निधन की खबर के बारे में सदन में घोषणा की जिसके बाद लोकसभा की बैठक आज दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संगमा की मौत पर शोक जताया।  

 

Sangma ji was deeply influenced by Netaji Bose. Here's a programme both of us attended in 2012 on Azad Hind Fauj. https://t.co/Jbp1emCrVe

— Narendra Modi (@narendramodi) March 4, 2016

 

Shri PA Sangma's tenure as Lok Sabha Speaker is unforgettable. His down to earth personality & affable nature endeared him to many.

— Narendra Modi (@narendramodi) March 4, 2016

 

Shri PA Sangma was a self-made leader whose contribution towards the development of the Northeast is monumental. Saddened by his demise.

— Narendra Modi (@narendramodi) March 4, 2016

संगमा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए महाजन ने कहा कि सदन की कार्यवाही आनंदपूर्ण माहौल में कैसे चलाते हैं, सच कहें तो इसके बारे में उन्हें संगमा से सीखने को मिला। अध्यक्ष ने कहा, जन नेता संगमा ने लगातार वंचित तबकों के उत्थान के लिए काम किया। संगमा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह एक स्वनिर्मित नेता थे जिनका पूर्वोत्तर के विकास में बड़ा योगदान है। उनके निधन से दुखी हूं।

उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के रूप में संगमा का कार्यकाल अविस्मरणीय है। जमीन से जुड़े उनके व्यक्तित्व तथा मिलनसार व्यवहार ने उन्हें अनेक लोगों का मुरीद बना दिया। उन्होंने कहा, संगमा जी नेताजी बोस से अत्यंत प्रभावित थे। संगमा नौ बार लोकसभा के सदस्य रहे और वह 11वीं लोकसभा के अध्यक्ष थे। उनके पास केंद्र सरकार में भी महत्वपूर्ण पद रहे। वह 1988 से 1990 तक मेघालय के मुख्यमंत्री और 1990 से 1991 तक विधानसभा में नेता विपक्ष भी रहे।

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