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पाक को F-16 विमान बेचेगा अमेरिका, भारत ने तलब किया अमेरिकी राजदूत

 Written By: IANS
 Published : Feb 13, 2016 05:13 pm IST,  Updated : Feb 13, 2016 05:21 pm IST

नई दिल्ली: पाकिस्तान को 'आतंकवाद-रोधी अभियान में सहयोग और विद्रोह को दबाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के समर्थन' के नाम पर एफ-16 युद्धक विमान बेचने के अमेरिका के निर्णय पर भारत ने अमेरिकी

richard verma- India TV Hindi
richard verma

नई दिल्ली: पाकिस्तान को 'आतंकवाद-रोधी अभियान में सहयोग और विद्रोह को दबाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के समर्थन' के नाम पर एफ-16 युद्धक विमान बेचने के अमेरिका के निर्णय पर भारत ने अमेरिकी राजदूत रिचर्ड वर्मा को तलब कर कड़ी आपत्ति जताई है। अमेरिका ने शुक्रवार को यह निर्णय लिया, जिस पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई और अमेरिकी राजदूत वर्मा को तलब कर अपना पक्ष रखा।

विदेश मंत्रालय ने एक वक्तव्य जारी कर कहा, "हम पाकिस्तान को एफ-16 जेट बेचने के बराक ओबामा सरकार द्वारा लिए गए निर्णय से बेहद हताश है। हम उनके इस तर्क से असहमत हैं कि हथियारों की यह बिक्री आतंकवाद से लड़ने में मददगार होगी। पिछले कई वर्षो के हथियारों की बिक्री के आंकड़े अपनी कहानी खुद बयां कर रहे हैं।"

अमेरिकी सांसद कथित तौर पर आतंकवादियों की मदद करने वाले पाकिस्तान के साथ इस सौदे का विरोध कर रहे थे, लेकिन उनके विरोध के बावजूद ओबामा प्रशासन ने पाकिस्तान को आठ एफ-16 ब्लॉक-52 जेट विमानों की बिक्री को शुक्रवार को मंजूरी दे दी।

पेंटागन की डिफेंस सिक्यूरिटी कोऑपरेशन एजेंसी (डीएससीए) के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इस सौदे पर मुहर लगाई और अमेरिकी संसद कांग्रेस को इस संभावित सौदे से सूचित कर दिया।

डिफेंसन्यूज ने अमेरिकी सरकार के अधिकारियों के हवाले से कहा, "हम पाकिस्तान को आठ एफ-16 जेट विमानों की बिक्री का समर्थन करते हैं और इसे आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान की लड़ाई और विद्रोह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में मदद के लिए उचित मानते हैं।"

अधिकारियों ने यह भी स्वीकार किया है कि इस सौदे का कुछ कांग्रेस सदस्य विरोध कर रहे थे, हालांकि उनका कहना है कि हाल में इस सौदे को लेकर आईं 'भ्रामक खबरों' के उलट 'इस सौदे को लेकर नहीं, बल्कि सौदे के वित्तीय पहलू को लेकर चिंता जाहिर की गई थी'।

उल्लेखनीय है कि जिस दिन ओबामा प्रशासन ने इस सौदे को मंजूरी दी, उसी दिन सीनेट की विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष बॉब कॉर्कर ने विदेशमंत्री जॉन केरी को पत्र लिखकर इस सौदे पर विरोध जाहिर किया था।

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