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विकीलीक्स के बाद पनामा पेपर्स से हिली दुनिया, जानिए क्या है पूरा मामला

 Written By: India TV News Desk
 Published : Apr 04, 2016 04:12 pm IST,  Updated : Apr 04, 2016 06:03 pm IST

टैक्स बचाने वाले दुनिया के अमीर लोगों से जुड़ा अब तक का सबसे बड़ा खुलासा सामने आया है। पनामा की एक लॉ फर्म से लीक हुए करोड़ों के दस्तावेजों ने दुनियाभर की तमाम बड़ी हस्तियों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

mossack fonseca- India TV Hindi
mossack fonseca

नई दिल्ली: टैक्स बचाने वाले दुनिया के अमीर लोगों से जुड़ा अब तक का सबसे बड़ा खुलासा सामने आया है। पनामा की एक लॉ फर्म से लीक हुए करोड़ों के दस्तावेजों ने दुनियाभर की तमाम बड़ी हस्तियों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। हैरानी की बात है कि इतनी बड़ी धांधली में व्लादिमीर पुतिन, नवाज शरीफ, शी जिनपिंग और फुटबॉलर मैसी जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

इस खुलासे में दुनियाभर की राजनीतिक हस्तियों में 12 मौजूदा या पूर्व राष्ट्र प्रमुख शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में ये रिकॉर्ड जर्मन अखबार सुडूशे जीतुंग ने एक अज्ञात सूत्र से प्राप्त किए हैं और इसे अंतरराष्ट्रीय खोजी पत्रकार संघ (आईसीआईजे) के जरिए दुनिया भर के मीडिया के साथ साझा कर दिया। आईसीआईजे ने कहा कि इस जांच के तहत विदेशों में स्थित 2.14 लाख प्रतिष्ठानों से 1.15 करोड़ दस्तावेज प्राप्त किए गए।

लीक हुए दस्तावेज पनामा की विधि फर्म मोजैक फोंसेका से आए। इस फर्म के 35 से भी अधिक देशों में दफ्तर हैं। जिन लोगों के नाम दस्तावेजों की इस भारी लीक में सामने आए हैं, उनपर इसका गंभीर राजनीतिक असर पड़ सकता है। आईसीआईजे की जांच में जिन लोगों के बारे में मुख्य दावे किए गए हैं, उनमें पुतिन के करीबी सहयोगी शामिल हैं। इन्होंने बैंकों और छद्म कंपनियों के जरिए दो अरब डॉलर का गुप्त घालमेल किया।

क्या हैं पनामा पेपर:

हाल ही में लीक हुए पनामा पेपर पनामा (मध्य अमेरिका का एक देश) स्थित मोजैक फोंसेका नामक फर्म के वो दस्तावेज हैं जो निवेशकों को कर बचाने, काले पैसे को सफेद करने और अन्य कामों से जुड़े होते हैं।

हालांकि खोजी पत्रकारों के अंतरराष्ट्रीय संघ, जो टीम इस पनामा पेपर्स के पीछे है उसका कहना है कि इस बात की संभावना तेज हैं कि इन विदेशी कंपनियों में से कई सारी कंपनियां ऐसी गतिविधियां वैध रूप से कर रही हैं।

पनामा पेपर्स इस तरह से काम करने वाला अपने आप में दुनिया का एक बड़ा संगठन है। बीते एक साल में करीब 80 देशों के 100 से अधिक मीडिया संगठनों के 400 पत्रकारों ने दस्तावेजों का गहन शोध किया है। मीडिया के जो बड़े संगठन इसमें शामिल हैं उनमें बीबीसी, गार्जियन, Süddeutsche Zeitung और फॉल्टर जैसे बड़े बैनरों ने भी इस परियोजना पर काम किया है।

हुआ बड़े नामों का खुलासा:
मीडिया जगत में इसे अब तक का सबसे बड़ा खुलासा बताया जा रहा है। इस खुलासे में फीफा की एथिक्स कमेटी के सदस्य जुआन पेड्रो डेमियानी का नाम सामने आया है, साथ ही फीफा के वाइस प्रेसिडेंट इयूगेनियो फिगुराडो समेत कई बड़े नाम सामने आए हैं जिन्होंने कर चोरी और काले धन को सफेद करने की कोशिश की है।

क्या है मोजैक फोंसेका:
यह पनामा की लॉ फर्म है जो दुनियाभर की गुमनाम कंपनियों को बेचती है। ये कंपनी अपने प्रवर्तकों को उनकी बिजनेस डीलिंग को छुपाने की अनुमति देती है। मोजैक फोंसेका के दुनियाभर में दर्जनों ऑफिस हैं। ये हजारों कंपनियों को फंडिग करती है, बेचती है और उनका प्रबंधन देखती है। ये कंपनी ज्यूरिख, लंदन और हॉन्ग-कॉन्ग जैसे शहरों में शेल कंपनियों की बिक्री करती है। जो कोई भी इन कंपनियों को खरीदना चाहता है उसे मोजैक फोंसेका के तहत ही खरीदारी करनी पड़ती है। यह कंपनियों के लिए फर्जी डॉयरेक्टर भी मुहैया कराती है साथ ही कंपनी के मूल शेयर होल्डर्स के नाम भी छुपाए जा सकते हैं। कुल मिलाकर कंपनी इस तरह के कारोबार में है जिसमे विदेशी कंपनियों के असली मालिक का नाम छुपाया जा सकता है।

अगली स्लाइड में पढ़ें कैसे लीक हुए दस्तावेज

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