नयी दिल्ली: डेंगू के संदिग्ध मरीज सात वर्षीय एक बच्चे की मौत के बाद उसके मां-बाप ने दक्षिण दिल्ली के लाडो सराय में चार मंजिला एक मकान से कूद कर खुदकुशी कर ली है। बच्चे की मौत से पहले यहां के दो प्रमुख निजी अस्पतालों में कथित रूप से उसे भर्ती करने से इंकार कर दिया था। डीसीपी (दक्षिण) प्रेम नाथ ने बताया कि पीडि़तों की पहचान लक्ष्मीचंद्र और बबीता राउत के रूप में की गयी है और दोनों ओडिशा के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि दंपति ने उडि़या में लिखे अपने एक पेज के सुसाइड नोट में कहा है कि इसमें किसी की गलती नहीं है और यह उनका निर्णय है।
दंपति के एक मात्र बेटा अविनाश संदिग्ध रूप से डेंगू से पीडि़त था और कथित रूप से पूर्व में दो प्रमुख अस्पतालों ने उसे भर्ती लेने से इंकार कर दिया था जिसके बाद आठ सितंबर को उसकी मौत हो गयी थी।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि इस मामले पर संज्ञान लेते हुये दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने दो अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। गुरूवार और शुक्रवार के दरम्यानी रात में दंपति का शव उनके एक पड़ोसी ने देखा। दंपति ने अपने हाथों को पीछे से एक साथ दुपट्टा से बांध रखा था।
पुलिस ने घटना की भादंसं की धारा 174 के तहत एक जांच शुरू कर दी है। इस मामले में अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि लक्ष्मीचंद्र एक निजी कंपनी में काम करता था और उनका परिवार लाडो सराय में एक अपार्टमेंट में किराए के दो कमरे के मकान में एक साल से अधिक समय से रह रहा था।