नई दिल्ली: रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि, वन रैंक वन पेंशन (OROP) स्कीम के कार्यान्वयन से जुड़े कुछ छोटे मुद्दे हो सकते हैं जो समय के साथ अपने आप सुलझ जाएंगे।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘OROP को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है। आर्थिक आवश्यकताओं की भी पूर्ति कर ली गई है। कुछ छोटे मुद्दे शायद रह गए हैं, वे समय रहते अपने आप सुलझ जाएंगे।’ पर्रिकर ने कहा कि अधिकतर मुद्दों का समाधान कर लिया गया है, क्या आपने कभी 100 प्रतिशत मांगों को पूरा होते देखा है जो सभी को संतुष्ट करें?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि शनिवार को सरकार द्वारा OROP की घोषणा की गई उसके तहत समय से पूर्व स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले जवानों को भी इसका फायदा मिलेगा। प्रधानमंत्री के इस बयान का पूर्व सैनिकों ने स्वागत करते हुए भूख हड़ताल को वापस ले लिया लेकिन कहा कि जब तक सभी मुद्दों का समाधान नहीं हो जाता तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
विरोध प्रदर्शन कर रहे एसोसिएशन के नेता मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) सतबीर सिंह ने कहा कि पूर्व सैनिकों द्वारा उठाए गए उन चार मुद्दों के समाधान तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा जिन्हें सरकार ने स्वीकार नहीं किया। इनमें से एक मुद्दा पेंशन की हर दो साल में समीक्षा करना है जिसे सरकार ने हर पांच साल में करने का ऐलान किया है।