नई दिल्ली: 'कायदे और कानून बनते इसीलिए हैं, कि उनका तोड़ा जा सके' ये कहना है रेलवे टिकट ब्रोकर का जिसने अपना नाम और पता जाहिर करने से साफ इनकार कर दिया। दरअसल आजकल रेलवे टिकट की बुकिंग कराने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। काउंटर पर जब यात्री पहुंचते हैं, तो वहां पहले से इतनी लंबी लाइन लगी होती है कि देखकर ही सब हैरान हो जाते हैं ऐसी स्थिति में आसरा सिर्फ और सिर्फ इंटरनेट का होता है, लेकिन वहां भी नाकामयाबी ही हाथ लग रही है।
सरकार के लाख कोशिशों के बावजूद टिकट के दलाल कोई ना कोई रास्ता निकालकर आपको टिकट उपलब्ध करा देते हैं, लेकिन अगर कोशिश आप स्वयं कर रहे है, तो निश्चित ही असफलता हाथ लग रही है।
आजकल पिछले कुछ दिनों से IRCTC के जरिए तत्काल टिकट लेना नामुमकिन हो चुका है और इसकी वजह यात्रियों के समझ से परे है। यात्रियों की शिकायत है कि जैसे ही आप IRCTC के तत्काल टिकट के लिए सुबह दस बजे वेबसाइट को खोलते हैं तो खुलने की स्पीड काफी अच्छी होती है पर तत्काल ऑप्शन पर क्लिक करते ही आपको लाल रंग में एक मैसेज लिखा हुआ नजर आ जाता है। जिसका अर्थ साफ साफ यही होता है कि "तकनीकि खराबी की वजह से वेबसाइट के मौजूदा पेज तक पहुंच पाना मुश्किल है" पर एक और विडंबना देखिए जैसे ही सभी ट्रेन में तत्काल टिकट या फिर प्रीमियर तत्काल टिकट समाप्त हो जाते हैं, यह परेशानी भी समाप्त हो जाती है। मतलब यह है कि अगर आपको तत्काल में टिकट लेना है तो भी प्रतीक्षा सूची की टिकटें उपलब्ध होंगी लेकिन कनफर्म टिकट तो दलालों के पहुंच में ही है।

इस संबंध में जब कुछ टिकट दलालों से बात की गई तो उन्होंने नाम और जगह सार्वजनिक न करने के बदले में यह जानकारी दी कि रेलवे टिकट का धंधा बहुत बड़ा हो चुका है और इसमें रेलवे के कर्मचारी भी पूरी तरह से लिप्त हैं । दलालों का साफ कहना है कि रेलवे कर्मचारी ही नहीं चाहते है कि आम जनता के बीच तत्काल टिकट आसानी से पहुंच जाए इसीलिए उन्होंने ही कुछ ऐसी तकनीकि खामी पैदा की होगी जिससे तत्काल टिकट वेबसाइट के जरिए उपलब्ध ना हो सके।
अभी तक इस मामले में रेलवे के अधिकारियों से कोई बातचीत नहीं हो पाई है, लेकिन इन सब का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।
दो दिन पहले इलाहाबाद के पास कौशांबी में मूरी एक्सप्रेस के दस डिब्बों के पटरी से उतर जाने से दिल्ली-मुगलसराय रूट की कई ट्रेनें प्रभावित हुईं। यहां तक कि पुरुषोत्तम जैसी लंबी दूरी की ट्रेनें तक रद्द कर दी गई, लेकिन ट्रेन में सफर करने वालों यात्रियों को कन्फर्म टिकट का भरोसा नहीं दिया गया जिससे उन यात्रियों को ये समझ नहीं आ रहा है कि अपने गंतव्य स्टेशन तक पहुंचा कैसे जाए।
लोगों का कहना है कि आये दिन सरकार रेलवे टिकट की कालाबाजारी रोकने के लिए नये नये नियम कानून लाती है पर इससे फायदा कम नुकसान ज्यादा होता है । लोगों का मानना है कि पहले IRCTC पर टिकट किसी ना किसी तरीके से उपलब्ध हो जाते थे पर अब तो तत्काल टिकट कराने का कोई जरिया ही नजर नहीं आ रहा है।