अहमदाबाद: गुजरात में आरक्षण कोटे को लेकर पटेल समुदाय द्वारा किए गए राज्यव्यापी बंद के आह्वान का आज मामूली असर दिखाई पड़ा। हालांकि राज्य के विभिन्न शहरों में पटेल समुदाय बहुल इलाकों में इस बंद का कुछ असर देखा गया। पुलिस ने कहा कि कल मेहसाणा कस्बे में लागू किया गया कफ्र्यू आज सुबह हटा लिया गया, जबकि मेहसाणा कस्बे में कल की हिंसा के बाद सरदार पटेल समूह द्वारा किए गए बंद के आह्वान के चलते आज वहां कोई खास घटना देखने को नहीं मिली।
बंद के आह्वान को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं, लेकिन स्कूल और कालेज, सार्वजनिक परिवहन एवं ट्रेन सेवाएं इस बंद से अप्रभावित हैं। साथ ही अहमदाबाद, सूरत, राजकोट और मेहसाणा जैसे प्रमुख शहरों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद की गई हैं। यह प्रतिबंध आज मध्यरात्रि तक जारी रहेगा।
पटेल आंदोलनकर्ताओं द्वारा बंद के आह्वान का अहमदाबाद, सूरत और राजकोट जैसे प्रमुख शहरों पर मामूली असर पड़ा है। यहां तक कि मेहसाणा में जहां समुदाय के सदस्यों की कल पुलिस के साथ झड़प हुई थी, इस बंद का आंशिक असर पड़ा है और केवल उन्हीं इलाकों में प्रतिष्ठान बंद किए गए हैं जहां पटेल समुदाय का दबदबा है।
गुजरात के मुख्य सचिव जीआर अलोरिया ने बताया कि रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की पांच कंपनियां इन तीन शहरों में तैनात की गई है। इसके अलावा, स्टेट रिजर्व पुलिस (एसआरपी) की 20 कंपनियों को भी पूरे राज्य में तैनात किया गया है। देर शाम वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक के बाद अलोरिया ने बताया, 'नियमित पुलिस बल के अलावा, हमने अहमदाबाद और मेहसाणा में आरएएफ की दो-दो कंपनियां और एक कंपनी सूरत में तैनात की है। अगर जरूरत हुई तो स्थिति से निपटने के लिए हम केन्द्र से आरएएफ की 10 और कंपनियां आवंटित करने को कहेंगे।