नई दिल्ली: एक दक्षिणपंथी समूह ने आज यहां पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) के कार्यालय में तोड़फोड़ की और इसके बाद इस्लामाबाद ने यह मुद्दा विदेश मंत्रालय के समक्ष उठाया। समूह हिंदू सेना के चार सदस्य दोपहर बाद करीब सवा तीन बजे बाराखंभा रोड की एक इमारत में पांचवीं मंजिल पर स्थित पीआईए कार्यालय गए। उन्होंने तीन कमरों में तोड़फोड़ की और कंप्यूटरों, फनीर्चर आदि को क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस ने समूह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है।
इस घटना की जिम्मेदारी लेते हुए हिंदू सेना के प्रमुख विष्णु गुप्त ने पाकिस्तान पर अपनी नाराजगी जतायी और वायुसेना के पठानकोट अड्डे पर तथा अफगान शहर मजार..ए..शरीफ में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमले के लिए उस पर दोषारोपण किया। उन्होंने कहा, इस कदम के जरिए हमारी दिल्ली इकाई के सदस्यों ने अपनी नाराजगी का इजहार किया है और पाकिस्तान को एक संदेश दिया है कि उन्हें हमारी भावना का सम्मान करना चाहिए और उन्हें यह ध्यान में रखना चाहिए कि हम कमजोर नहीं हैं।
गुप्ता को पिछले अक्तूबर में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने केरल हाउस की कैंटीन में गौमांस परोसे जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस को फोन किया था। बाद में उनकी शिकायत गलत पायी गयी थी। पाकिस्तान विदेश कार्यालय ने इस्लामाबाद में एक बयान में कहा कि दिल्ली में उसके उच्चायुक्त ने भारत के विदेश मंत्रालय के समक्ष यह मामला उठाया है।
बयान में कहा गया है, नयी दिल्ली में पीआईए कार्यालय में चरमपंथियों के एक समूह द्वारा तोड़फोड़ की गयी। उन्होंने संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और पीआईए के स्टाफ को धमकी दी तथा परेशान किया। इसमें कहा गया है, पाकिस्तान उच्चायोग ने तत्काल यह मामला विदेश मंत्रालय के समक्ष उठाया और नयी दिल्ली तथा मुंबई में पीआईए कार्यालयों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने एवं शरारती तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। इसमें कहा गया है कि भारत सरकार ने भारत में पीआईए कार्यालयों को सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाने का आश्वासन दिया।
पुलिस ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है और अन्य तीनों आरोपियों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। डीसीपी (नयी दिल्ली) जतिन नरवाल ने संवाददाताओं से कहा, गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान ललित सिंह के रूप में हुयी है जो हिंदू सेना का सदस्य है। उसके सहयोगियों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
समूह द्वारा पीआईए कार्यालय में छोडे गए परचे में कहा गया है कि पाकिस्तान के साथ उस समय तक कोई बातचीत नहीं होनी चाहिए जब तक कि वे उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते जिन्होंने भारत को नुकसान पहुंचाया है। इसमैं दाउद इब्राहिम और हाफिज सईद जैसे लोगों को भारत को सौंपने की भी मांग की गयी।
पुलिस ने बताया कि उनके कर्मियों के वहां पहुंचने तक तीन लोग भाग गए थे। इस घटना के बाद पीआईए कार्यालय के पास सुरक्षा बढा दी गयी है। बाद में वहां एक केंद्रीय सुरक्षा टीम भी भेजी गयी। इसके पहले पीआईए कार्यालय मंे अगस्त 2013 में भी एक दक्षिणपंथी समूह द्वारा तोड़फोड की गयी थी। इस बीच पीआईए ने ट्वीट किया कि नयी दिल्ली में उसके कार्यालय में एक भीड़ ने हमला किया और कुछ संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।