नई दिल्ली: वैश्विक सर्च इंजन गूगल अगले तीन साल में 20 लाख नए एंड्रॉयड डेवलपरों को प्रशिक्षित करेगी। यह बात गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचई ने यहां गुरुवार को कही। पिचई तीन दिनों के दौरे पर भारत आए हैं। यहां के श्रीराम कॉलेज में छात्रों को संबोधित करते हुए पिचई ने कहा, "हम 30 विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर 20 लाख एंड्रॉयड डेवलपरों को प्रशिक्षण देंगे। यह काम तीन साल की अवधि में होगा।"
उन्होंने कहा, "कार्यबल में अधिक डेवलपर होने से कई चीजों का समाधान होगा।" उन्होंने बुधवार को घोषित सार्वजनिक वाई-फाई परियोजना के बारे में कहा कि उसे लेकर वह काफी उत्साहित हैं। पिचई ने बताया कि यह दुनिया की ऐसी सबसे बड़ी परियोजना है, जिसमें 400 रेलवे स्टेशनों को वाई-फाई से लैस किया जाएगा।
इसके साथ ही सर्च इंजिन गूगल के सीईओ ने आज यह भी कहा कि एक मजबूत मोबाइल उपकरण बाजार तथा प्रौद्योगिकी में रचि के चलते भारत में उत्पादों का विकास कर उन्हें वैश्विक स्तर पर पेश किए जाने का अच्छा मौका है। भारतीय मूल के पिचाई ने इसके साथ ही भारतीय शिक्षण प्रणाली में रचनात्मकता व प्रयोग के जरिए प्रशिक्षण की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में कहा, हम अपने सभी उत्पाद :भारत में: लाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। हमें यह काम पहले भारत में करने का अच्छा अवसर नजर आता है और यह वैश्विक बाजारों के लिए भी काम करेगा। इस संदर्भ में उन्होंने यू ट्यूब आफलाइन का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि इस सेवा को पहले भारत में पेश किया गया और इसके बाद इसे 77 देशों में शुरू किया गया।
उन्होंने कहा, हम इसे एक अच्छे उदाहरण के रूप में देखते हैं। हम भारत में बड़ा निवेश कर रहे हैं। हम भारत में अपने अभियांत्रिकी कार्यालयों का विस्तार कर रहे हैं। मैं यहां से चीजें बाकी दुनिया में ले जाने को लेकर उत्साहित हूं। भारत में शिक्षा प्रणाली पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रणाली को रचनात्मक व प्रयोग के जरिए शिक्षा को प्रोत्साहित करना चाहिए। दिल्ली विश्वविद्यालय के एक महाविद्यालय में उन्होंने कहा कि भारत में कड़े अकादमिक ज्ञान पर जोर दिया जाता है, जबकि अमेरिका में शिक्षा अधिक प्रयोगात्मक है। यही बड़ा अंतर है।