नई दिल्ली: अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लोगों से वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस हमारी संस्कृति और संस्कारों को नहीं मिटा सकता है। उन्होंने कहा, "कोरोना वायरस न हमारी संस्कृति को मिटा सकता है और न ही हमारे संस्कार मिटा सकता है। और इसलिए, संकट के समय, हमारी संवेदनाएं और जागृत हो जाती हैं। कोरोना को जवाब देने का एक तरीका करुणा भी है। यानि कोरोना को करुणा से जवाब। गरीबों, जरूरतमंदों के प्रति करुणा दिखाएं।"
पीएम मोदी ने कहा, "आज कोरोनी के खिलाफ जो युद्ध पूरा देश लड़ रहा है, उसमें 21 दिन लगने वाले हैं। हमारा प्रयास है इसे 21 दिन में जीत लिया जाए।" उन्होंने कहा, "संकट की इस घड़ी में, काशी सबका मार्गदर्शन कर सकती है, सबके लिए उदाहरण प्रस्तुत कर सकती है। काशी का अनुभव शाश्वत, सनातन, समयातीत है। और इसलिए, आज लॉकडाउन की परिस्थिति में काशी देश को सिखा सकती है- संयम, समन्वय, संवेदनशीलता। काशी देश को सिखा सकती है- सहयोग, शांति, सहनशीलता। काशी देश को सिखा सकती है- साधना, सेवा, समाधान।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "मुझे ऐहसास है कि आप सभी के बहुत सारे प्रश्न होंगे, कुछ चिंताएं भी होंगी और सुझाव भी होंगे। तो आइए, संवाद शुरू करते हैं।" इसके बाद उन्होंने सवालों के जवाब देने शुरू किए। उन्होंने कहा, "देखिए इस बीमारी में जो बातें सामने आई हैं, उसमें सबसे बड़ी सच्चाई यही है कि ये बीमारी किसी में भेदभाव नहीं करती। ये समृद्ध देश पर भी कहर बरपाती है और गरीब के घर में भी कहर बरपाती है।"
उन्होंने कहा, "देखिए, मनुष्य का स्वभाव होता है कि जो कुछ भी सरल हो, खुद के अनुकूल हो, उसे जल्दी स्वीकार कर लेता है। कोई बात आपको अपने पसंद की लगती है, आपको सूट करती है तो आप उसे तुरंत सच मान लेते हैं। वैसे मैं आपको ये भी जानकारी देना चाहता हूं कि कोरोना से जुड़ी सही और सटीक जानकारी के लिए सरकार ने Whatsapp के साथ मिलकर एक हेल्पडेस्क भी बनाई है। 9012151515 पर नमस्ते लिखकर भेजे, आपको सही जानकारी मिलेगी।"
पीएम ने कहा, "आप ये भी ध्यान रखिए कि कोरोना से संक्रमित दुनिया में 1 लाख से अधिक लोग ठीक भी हो चुके हैं और भारत में भी दर्जनों लोग कोरोना के शिकंजे से बाहर निकले हैं। कल तो एक खबर में देख रहा था कि इटली में 90 वर्ष से ज्यादा आयु की माताजी भी स्वस्थ हुई हैं।" उन्होंने कहा, "लेकिन हाँ, नागरिक के रूप में हमें अपने कर्तव्य करते रहना चाहिए, हमें सोशल डिस्टेंसिंग पर ध्यान देना चाहिए। हमें घर में रहना चाहिए और आपस में दूरी बनाए रखना चाहिए। कोरोना जैसी महामारी से दूर रहने का अभी यही एकमात्र उपाय है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आपने देखा होगा, बीते कुछ वर्षों में एक परंपरा शुरू हुई है कि एयरपोर्ट पर जब लोग फौज के जवानों को देखते हैं तो उनके सम्मान में खड़े हो जाते हैं, कुछ लोग तालियां भी बजाते हैं। ये आभार प्रकट करने का तरीका हमारे संस्कारों में दिनों बढ़ना ही चाहिए।" उन्होंने कहा, "हमारे समाज में ये संस्कार दिनों-दिन प्रबल हो रहा है, कि जो देश की सेवा करते हैं, जो देश के लिए खुद को खपाते हैं, उनका सार्वजनिक सम्मान भी होते रहना चाहिए।"