केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिश्वतखोरी के एक मामले में MCD के एक वरिष्ठ सचिवालय सहायक समेत तीन लोगों को 15 लाख रुपये की रिश्वत की रकम के लेन-देन के दौरान गिरफ्तार किया है। CBI ने 16 सितंबर 2026 को MCD के एक इंस्पेक्टर और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
बिल बोर्ड, होर्डिंग और LED लगाने के बहाने लेते थे रिश्वत
आरोप है कि आरोपी भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल थे और टेंडर की अवधि समाप्त होने के बाद भी बिल बोर्ड, होर्डिंग और LED डिस्प्ले लगाने की अनुमति देने के बदले रिश्वत लेते थे। इसके अलावा स्वीकृत संख्या से अधिक अतिरिक्त बिल बोर्ड लगाने की अनुमति देने के लिए भी बड़ी रकम बतौर अवैध रिश्वत लिए जाने का आरोप है।
FIR दर्ज करने के बाद CBI ने 16 सितंबर को जाल बिछाया। इसी दौरान नई दिल्ली में 15 लाख रुपये की रिश्वत की रकम के लेन-देन के समय MCD के वरिष्ठ सचिवालय सहायक और दो निजी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
25.25 लाख रुपये की नकदी भी बरामद
तलाशी के दौरान CBI ने 25.25 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की है। मामले से जुड़े अलग-अलग स्थानों पर आगे की तलाशी जारी है। CBI की जांच अभी जारी है। सीबीआई का कहना है कि इस कड़ी में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
जानिए कौन हैं गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी
- अनिल कुमार उर्फ खत्री, SSA (सीनियर सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट), साउथ और नजफगढ़ ज़ोन, विज्ञापन विभाग, MCD, नई दिल्ली।
- अनंत कुमार शर्मा, M/s नक्स क्रिएटर्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर।
- दिलीप पटेल, M/s नक्स क्रिएटर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि।
दूसरे मामले में सीबीआई ने 4 को किया गिरफ्तार
वहीं, दूसरी ओर सीबीआई ने रिश्वत के एक मामले में लखनऊ में रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (RDSO) के दो सीनियर अधिकारियों समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान आरडीएसओ के उप निदेशक आशुतोष कुमार और वरिष्ठ अनुभाग अभियंता दीपक कुमार के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा कोलकाता स्थित निजी कंपनी 'उत्कर्ष इंडिया लिमिटेड' के दो प्रतिनिधि- शशांक अग्रवाल और स्वरूप कुमार राय भी गिरफ्तार किए गए हैं। (भाषा के इनपुट के साथ)
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