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पाक-चीन बॉर्डर कमीशन को भारत ने किया खारिज, कहा- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग

 Written By: Niraj Kumar
 Published : Sep 16, 2026 09:55 pm IST,  Updated : Sep 16, 2026 11:25 pm IST

रणधीर जायसवाल ने कहा कि जम्मू और कश्मीर एवं लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न हिस्से हैं। उन्होंने पाकिस्तान और चीन के तथाकथित बाउंड्री ज्वाइंट कमीशन को खारिज कर दिया है।

Randhir jaiswal, MEA- India TV Hindi
रणधीर जायसवाल Image Source : PTI

नई दिल्ली: भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान और चीन के तथाकथित बाउंड्री ज्वाइंट कमीशन को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को कहा कि भारत का रुख इस मामले पर बिल्कुल साफ और लगातार एक जैसा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत पाकिस्तान-चीन के तथाकथित सीमा सहयोग को स्वीकार नहीं करता और भारतीय क्षेत्रों से संबंधित ऐसी किसी व्यवस्था का भारत की संप्रभुता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस संयुक्त आयोग को कोई कानूनी अधिकारी नहीं है। हमारा रुख साफ है कि पाकिस्तान और चीन के बीच कोई सीमा नहीं है।

चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते को भारत ने कभी मान्यता नहीं दी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने  कहा कि जम्मू और कश्मीर एवं लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। पाकिस्तान को भारतीय क्षेत्र से संबंधित किसी भी व्यवस्था में शामिल होने का अधिकार नहीं है, जिसे भारत पाकिस्तान के अवैध कब्जे में मानता है। उन्होंने कहा कि भारत ने 1963 के तथाकथित चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते को कभी मान्यता नहीं दी और उसे अवैध तथा अमान्य मानता रहा है। बता दें कि पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इससे पहले पाकिस्तान-चीन सीमा संयुक्त आयोग के संचालन को लेकर पोस्ट किया था। पाकिस्तान ने कहा था कि दोनों देशों ने बॉर्डर मैजनेजमेंट, संयुक्त सर्वे और व्यापार को बढ़ावा देने के नाम पर इस सीमा आयोग को इस्लामाबाद में हुई बैठक के साथ एक्टिव किया है।

अवैध कब्जे को वैध ठहराने की कोशिश का विरोध

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'हमने इस संबंध में आई खबरों को देखा है. इस मामले पर हमारी स्थिति स्पष्ट और लगातार एक समान रही है. पाकिस्तान और चीन के बीच कोई बॉर्डर नहीं है. हम तथाकथित संयुक्त आयोग को खारिज करते हैं, क्योंकि इसका कोई कानूनी आधार नहीं है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कब्जे वाले क्षेत्रों की स्थिति बदलने या कथित अवैध कब्जे को वैध ठहराने की किसी भी कोशिश का भारत विरोध करता है। जायसवाल ने पाकिस्तान से उन क्षेत्रों को तुरंत खाली करने को कहा, जिन्हें भारत उसके अवैध और जबरन कब्जे में मानता है।

बता दें कि पाकिस्तान और चीन ने बुधवार को अपने बाउंड्री ज्वाइंट कमीशन को ऑपरेशनल किया था। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इसका उद्देश्य सीमा प्रबंधन, संयुक्त सीमा सर्वेक्षण, व्यापार प्रवाह और लोगों के बीच संपर्क को लेकर सहयोग बढ़ाना है।

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