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इनकम टैक्स कमिश्नर और CISF DIG दंपति पर CBI का शिकंजा, आय से अधिक संपत्ति के मामले में FIR

 Reported By: Abhay Parashar,  Written By: Niraj Kumar
 Published : Sep 16, 2026 11:15 pm IST,  Updated : Sep 17, 2026 12:08 am IST

तत्कालीन इनकम टैक्स कमिश्नर जीवनलाल लाविदिया और उनकी पत्नी, तत्कालीन DIG, CISF, शिप्रा श्रीवास्तव के खिलाफ सीबीआई ने FIR दर्ज की है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में यह कार्रवाई हुई।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : ANI

नई दिल्ली:  सीबीआई ने एक हैदराबाद के तत्कालीन इनकम टैक्स कमिश्नर जीवनलाल लाविदिया और उनकी पत्नी, तत्कालीन DIG, CISF, शिप्रा श्रीवास्तव के खिलाफ FIR दर्ज की है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में यह FIR CBI की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा-III, नई दिल्ली द्वारा 10 सितंबर को दर्ज की गई है।

FIR में क्या आरोप हैं?

FIR के मुताबिक आरोप है कि तत्कालीन इनकम टैक्स कमिश्नर जीवनलाल लाविदिया ने 1 अप्रैल 2022 से 10 मई 2025 की जांच अवधि के दौरान अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की। इस दौरान लाविदिया की कुल आय 1,95,74,358 रुपये थी जबकि कुल संपत्ति और खर्च 3,07,52,247 रुपये थे। इस तरह से उन्होंने 1,11,77,889 रुपये आय से अधिक संपत्ति इकट्ठा की थी। एफआईआर में आरोपों के मुताबिक उनकी आय ज्ञात आय से 57.10% अधिक है। 

FIR में आगे आरोप है कि शिप्रा श्रीवास्तव ने अपने पति को कथित आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने में मदद की। FIR में कहा गया है कि जांच अवधि के अंत में लाविदिया और उनके परिवार की कुल संपत्ति 4,31,60,820 रुपये आंकी गई है।

बता दें कि जीवनलाल लाविदिया 2004 बैच के IRS अधिकारी हैं। वह हैदराबाद में इनकम टैक्स कमिश्नर (छूट) के पद पर तैनात थे और उन्हें प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, हैदराबाद के कार्यालय में इनकम टैक्स कमिश्नर   (अपील), यूनिट-8 और यूनिट-7 का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था।

वह हैदराबाद में आयकर आयुक्त (छूट) के पद पर तैनात थे और उन्हें प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, हैदराबाद के कार्यालय में आयकर आयुक्त (अपील), यूनिट-8 और यूनिट-7 का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था।

पुराना केस और छापेमारी

FIR में बताया गया है कि इससे पहले 9 मई 2025 को भी CBI ने लाविदिया और अन्य के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था, जिसमें असेसीज़ (करदाताओं) के पक्ष में अपीलों का फैसला करने के लिए अनुचित लाभ लेने का आरोप था। उसी शिकायत के आधार पर 9 मई 2025 को लाविदिया और श्रीवास्तव के आवासीय परिसरों सहित विभिन्न स्थानों पर तलाशी ली गई थी।

शिकायत के अनुसार, तलाशी के दौरान लाविदिया के नाम और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर अर्जित चल-अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज मिले और जब्त किए गए। FIR से जुड़ी शिकायत में यह भी कहा गया है कि दिल्ली में श्रीवास्तव के आवासीय परिसर से संपत्तियों का विवरण वाली रफ शीट और 54 लाख रुपये नकद जब्त किया गया था, ऐसा आरोप है।

CBI ने यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत दर्ज किया है। जीवनलाल लाविदिया के खिलाफ धारा 13(2) के साथ धारा 13(1)(b) जबकि शिप्रा श्रीवास्तव के खिलाफ धारा 12 के साथ धारा 13(2) और धारा 13(1)(b) के तहत केस दर्ज किया गया है।

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