नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देशवासियों को हिंदी दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं दी। नरेंद्र मोदी देश और दुनिया में अपने हिंदी प्रेम के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने हाल ही में कहा था कि उन्हें हिंदी इसलिए आ गई क्योंकि वो चाय बेचते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल में आयोजित 10वें विश्व हिंदी सम्मेलन में कहा था कि भाषा चैतन्य होती है और उस चेतना की अनुभूति आवश्यक होती है। उन्होंने यहां पर कहा, “अपनी भाषा को आगे बढ़ाने के प्रयास किए जाने चाहिए। विश्व आज हिंदी भाषा की सत्ता को स्वीकार कर रहा है। भाषा आपके विचार और भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम होती है।” गौरतलब है कि 14 सितंबर को हर वर्ष हिंदी दिवस मनाया जाता है क्योकि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा के भीतर ध्वनिमत से निर्णय लिया गया था कि हिंदी ही भारत की राजभाषा होगी।
विश्व हिंदी सम्मेलन में बोले मोदी-
विश्व हिंदी सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंदी की महत्ता के बारे में खुल के बातें कीं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हिंदी को प्रमोट किया जाना चाहिए।