भोपाल: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के शेरपुर में गुरुवार को आयोजित किसान महासम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की औपचारिक शुरुआत करते हुए कहा कि वे डिजिटल इंडिया का लाभ देश के किसानों को दिलाना चाहते है, जिसके लिए नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट का वर्चुअल प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है। साथ ही देश की 550 मंडियों को तकनीक से जोड़ा जाएगा। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को कृषि कर्मण पुरस्कार प्रदान किया, वहीं राज्य के किसानों की ओर से प्रधानमंत्री का सम्मान किया गया।
पीएम मोदी ने इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि शिवराज ने अपने कार्यकाल में यहां पर उल्लेखनीय काम किया है। पहले जहां पर पानी के लिए किसान तरसते थे वहां अब लहलहाती फसलें खड़ी दिखाई देती है। पीएम ने कहा कि वह जब यहां पर हेलीकॉप्टर से आ रहे थे तो उन्होंने रास्ते में कई बसों को लाइन में खड़े देखा जो यहां पर ही आ रही थीं लेकिन रास्ते में रूकी रह गई। पीएम ने कहा कि वह यहां पर किसानों का दर्शन करने के लिए आए हैं।
पीएम मोदी ने किसानों के लिए उनकी सरकार द्वारा बनाई जा रही योजनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि किसान मेहनत करता है, मगर उसे सही दाम नहीं मिलता। एक समय में एक ही फसल की कीमत देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग होता है, लेकिन इससे बेखबर किसान उसे नजदीकी मंडी में बेच देता है, जिसके कारण उसे अधिकतम दाम नहीं मिल पाता है। लिहाजा, किसान को अपनी पैदावार का सबसे ज्यादा दाम मिले इसके लिए उनकी सरकार 'नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट' का वर्चुअल प्लेटफॉर्म तैयार करेगी।
मोदी ने आगे कहा कि हम जिस डिजिटल इंडिया की बात करते हैं, वह देश के किसानों के लिए है। इसका लाभ किसानों को मिलेगा, क्योंकि वह अपने मोबाइल फोन पर ही यह जान लेगा कि फसल की सबसे ज्यादा कीमत किस क्षेत्र में है।
इन जानकारियों के आधार पर वह तय कर सकेगा कि उसे अपनी फसल कहां बेचनी है। इसके लिए देश की लगभग साढ़े पांच सौ मंडियों को तकनीक से जोड़कर डिजिटल इंडिया का पहला फायदा किसानों को पहुंचाया जाएगा।