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PM ने देशवासियों को दी गुरु पूर्णिमा की बधाई, बोले- जहां ज्ञान, वहीं पूर्णिमा, वहीं पूर्णता

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 24, 2021 08:39 am IST,  Updated : Jul 24, 2021 10:40 am IST

अपने संबोधन की शुरुआत में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आप सभी को धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस और आषाढ़ पूर्णिमा की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। आज हम गुरु-पूर्णिमा भी मनाते हैं, और आज के ही दिन भगवान बुद्ध ने बुद्धत्व की प्राप्ति के बाद अपना पहला ज्ञान संसार को दिया था।

PM Narendra Modi address to the nation on guru poornima live  पीएम नरेंद्र मोदी कर रहे हैं देश को सं- India TV Hindi
PM ने देशवासियों को दी गुरु पूर्णिमा की बधाई, बोले- जहां ज्ञान, वहीं पूर्णिमा, वहीं पूर्णता Image Source : PTI

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरु पूर्णिमा के मौके पर देश को संबोधित किया। देशवासियों को  धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस और आषाढ़ पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज के ही दिन भगवान बुद्ध ने बुद्धत्व की प्राप्ति के बाद अपना पहला ज्ञान संसार को दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि त्याग और तितिक्षा से तपे बुद्ध जब बोलते हैं तो केवल शब्द ही नहीं निकलते, बल्कि धम्मचक्र का प्रवर्तन होता है। इसलिए, तब उन्होंने केवल पांच शिष्यों को उपदेश दिया था, लेकिन आज पूरी दुनिया में उन शब्दों के अनुयायी हैं, बुद्ध में आस्था रखने वाले लोग हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सारनाथ में भगवान बुद्ध ने पूरे जीवन का, पूरे ज्ञान का सूत्र हमें बताया था। उन्होंने दुःख के बारे में बताया, दुःख के कारण के बारे में बताया, ये आश्वासन दिया कि दुःखों से जीता जा सकता है, और इस जीत का रास्ता भी बताया।

उन्होंने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज कोरोना महामारी के रूप में मानवता के सामने वैसा ही संकट है जब भगवान बुद्ध हमारे लिए और भी प्रासंगिक हो जाते हैं। बुद्ध के मार्ग पर चलकर ही बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना हम कैसे कर सकते हैं, भारत ने ये करके दिखाया है। पीएम ने कहा कि बुद्ध के सम्यक विचार को लेकर आज दुनिया के देश भी एक दूसरे का हाथ थाम रहे हैं, एक दूसरे की ताकत बन रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, "बुद्ध के सम्यक विचार को लेकर आज दुनिया के देश भी एक दूसरे का हाथ थाम रहे हैं,एक दूसरे की ताकत बन रहे हैं। इस दिशा में ‘अंतरराष्ट्रीय बौद्ध महासंघ’ का ‘केयर विथ प्रेयर’ कदम भी बहुत प्रशंसनीय है।" पीएम मोदी ने ‘धम्म पद’ पर बोलते हुए कहा कि बैर से बैर शांत नहीं होता, बल्कि प्रेम और बड़े दिल से शांत होता है। उन्होंने कहा, "त्रासदी के वक्त में दुनिया ने प्रेम की, सौहार्द की इस शक्ति को महसूस किया है। बुद्ध का यह ज्ञान, मानवता के ये अनुभव जैसे समृद्ध होंगे वैसे ही विश्व सफलता और समृद्धि की नयी ऊंचाइयों को छुएगा।"

प्रधानमंत्री ने बुद्ध की शिक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा, "मन, वाणी और संकल्प में, हमारे कर्मों और प्रयासों में यदि संतुलन है तो हम दुखों से निकल कर प्रगति और सुख को हासिल कर सकते हैं।" उन्होंने कहा, "यही संतुलन हमें अच्छे वक्त में लोककल्याण की प्ररेणा देता है और मुश्किल वक्त में धैर्य रखने की ताकत देता है। भगवान बुद्ध ने हमें जीवन के लिए अष्टांग सूत्र, आठ मंत्र दिए हैं।" 

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