नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में स्वर्ण संबंधी तीन योजनाओं का शुभारंभ करेंगे। इनमें स्वर्ण मौद्रीकरण योजना (जीएमएस), सार्वभौमिक स्वर्ण बांड योजना और स्वर्ण सिक्का एवं बुलियन योजना शामिल हैं। यहां जारी एक बयान के अनुसार, स्वर्ण मौद्रीकरण योजना (जीएमएस) 2015, मौजूदा स्वर्ण जमा योजना, 1999 का स्थान लेगी। हालांकि, स्वर्ण जमा योजना के तहत बकाया जमा को परिपक्वता तक चलने दिया जाएगा, बशर्ते कि जमाकर्ता उन्हें समय से पहले वापस न निकाल लें।
बयान के अनुसार, भारत के निवासी (व्यक्ति विशेष, एचयूएफ यानी संयुक्त हिंदू परिवार, सेबी (म्युचुअल फंड) विनियम के तहत पंजीकृत म्युचुअल फंड/एक्सचेंज ट्रेडेड फंड समेत ट्रस्ट एवं कंपनियां) इस योजना के तहत जमा कर सकते हैं। इसमें एक समय में कम से कम 30 ग्राम सोने के समतुल्य कच्चा सोना (छड़, सिक्का, स्टोन्स व अन्य मेटल रहित गहने) बैंक में रखना होगा।
बयान के अनुसार, इस योजना के तहत भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा प्रमाणित संग्रह एवं शुद्धता परीक्षण केंद्रों (सीपीटीसी) पर सोने को स्वीकार किया जाएगा।
बयान के अनुसार, सार्वभौमिक स्वर्ण बांड के लिए आवेदन पांच नवंबर, 2015 से 20 नवंबर, 2015 के बीच स्वीकार किए जाएंगे। ये बांड 26 नवंबर, 2015 को जारी किए जाएंगे।
बयान के अनुसार, सार्वभौमिक स्वर्ण बांडों की बिक्री केवल व्यक्ति विशेष, एचयूएफ (संयुक्त हिंदू परिवार), ट्रस्ट, विश्वविद्यालय और चैरिटेबल संस्थान समेत निवासी भारतीय निकायों तक ही सीमित रहेगी। बांड को एक ग्राम की एक बुनियादी इकाई के गुणकों में नामित किया जाएगा। इस बांड की मियाद आठ साल होगी। इसमें पांचवें साल से बाहर निकलने का विकल्प होगा और ब्याज भुगतान की तारीख को इससे बाहर निकला जा सकेगा।
बयान में कहा गया है कि भारतीय स्वर्ण सिक्के एवं बुलियन स्वर्ण मौद्रीकरण योजना का ही एक हिस्सा है। यह सिक्का भारत में ढाला गया अपनी तरह का पहला राष्ट्रीय स्वर्ण सिक्का होगा। इसके एक ओर राष्ट्रीय प्रतीक अशोक चक्र और दूसरी ओर महात्मा गांधी का चित्र अंकित होगा।
प्रारंभ में यह सिक्का पां और 10 ग्राम में उपलब्ध होगा। इसके अलावा 20 ग्राम का बुलियन भी उपलब्ध होगा।