मुंबई: मुंबई में पुलिसकर्मियों का एक समूह कैमरे पर घूस तथा कथित तौर पर एक स्थानीय क्लब के पैसे पर काम करने के बारे में बात करते हुए पकड़ा गया है। इस वीडियो को लेकर मुंबई पुलिस ने जांच आरंभ कर दी है। पुलिस आयुक्त अहमद जावेद ने बताया कि पुलिस वीडियो मामले को देख रही है। यूट्यूब पर बीते 15 अक्टूबर को अपलोड किए गए एक मिनट के वीडियो में पुलिसकर्मियों को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वे घूस तथा क्लब की ओर से पहले कई मौकों पर दिए गए भुगतान के बारे में बात करते दिख रहे हैं। कहा गया है कि यह वीडियो अंधेरी इलाके के एक क्लब का है।
मुंबई पुलिस ने इस वीडियो में दिख रहे दो पुलिसर्मियों की पहचान निरीक्षक शशिकांत जगदाले और कांस्टेबल अलहद गायकवाड़ के रूप में की है। वीडियो में दूसरे पुलिसकर्मियों की पहचान की कोशिश की जा रही है। जगदाले फिलहाल आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की जुहू इकाई में तैनात हैं जबकि कांस्टेबल गायकवाड़ अपराध शाखा के पुलिस आयुक्त (उत्तर) सुनील देशमुख के ड्राइवर हैं। जांच से संबंधित पुलिस सूत्रों के अनुसार वीडियो से इसका संकेत मिलता है कि पुलिसकर्मियों ने क्लब पर छापा मारा जिसके बाद वे कुछ लाख रूपये की लेनदेन से मामले को सुलझाने की बात करते दिख रहे हैं।
बातचीत (ऑडियो) के दौरान क्लब से जुड़ा एक व्यक्ति पुलिस को पहले दे दी गई राशि और शेष बचे पैसे के बारे में बात करते सुना जा सकता है। एटीएस में तैनात होने से पहले जगदाले ने मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के फिरौती विरोधी प्रकोष्ठ में सफल पारी खेली थी। गायकवाड़ पहले अपराध शाखा और एटीएस में तैनात रहे हैं। उनको पहले भी कदाचार और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर हटाया गया है।