नई दिल्ली: दिल्ली वालों को बिजली का तगड़ा झटका लगा है। दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) ने आम आदमी पार्टी सरकार के कड़े विरोध के बावजूद बिजली की दरों में 6% की वृद्धि कर दी।
बढ़ी हुई दरें 15 जून से लागू होंगी।
केजरीवाल सरकार ने कहा है कि वह फैसले के खिलाफ कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है।
डीईआरसी के प्रमुख पी डी सुधाकर ने कहा कि नियामक ने विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (एपटेल) के निर्देश के अनुरूप काम किया है जिसने उससे बिजली खरीद की कीमत में वृद्धि को लेकर निजी विद्युत वितरण कंपनियों को मुआवजा देने के लिए बिजली खरीद की समायोजन लागत (पीपीएसी) अधिभार बहाल करने के लिए कहा था।
नयी दिल्ली नगर पालिका परिषद क्षेत्र के उपभोक्ताओं को पांच प्रतिशत अधिभार देना होगा।
डीईआरसी के फैसले को लेकर आप सरकार ने कहा कि वह नियामक से फैसले की समीक्षा करने और वृद्धि के प्रभाव में लाने से पहले विद्युत वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति से जुड़ी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट का इंतजार करने के लिए कहेगी।