नई दिल्ली: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को शिक्षक दिवस से एक दिन पहले यहां राष्ट्रपति भवन में एक विशेष 'पाठशाला' आयोजित कर एक सरकारी स्कूल के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यार्थियों को एक शिक्षक के रूप राजनीतिशास्त्र का पाठ पढ़ाया। प्रणब मुखर्जी राजनीति में आने से पहले एक कॉलेज में शिक्षक और पत्रकार थे। उन्होंने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में डा. राजेंद्र प्रसाद सर्वोदय विद्यालय के 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को पढ़ाया।
राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को बताया कि कैसे 300 लोगों के अर्से तक संविधान की विषयसूची पर कड़ी मेहनत करने के बाद हमारे देश का संविधान बना।
उन्होंने इसके पीछे की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि बताई और कहा कि देश के स्वतंत्र होने के तीन साल बाद हमारा संविधान अस्तित्व में आया।
राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों के साथ अपने छात्र जीवन के अनुभव भी बांटे। उन्होंने कहा कि उन दिनों स्कूल में ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं।
प्रणब ने कहा, "मैं पढ़ाई में बहुत अच्छा नहीं था। मैं अपनी मां से कहता कि मैं अब स्कूल नहीं जाऊंगा, क्योंकि वहां पहुंचने के लिए रोजाना तीन से चार किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है।"
उन्होंने बताया, "तब मेरी मां मुझसे कहती कि क्योंकि मेरे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है, इसलिए मुझे पूरी मेहनत से पढ़ाई करनी होगी।"