नई दिल्ली: उत्तराखंड में चल रही राजनीतिक घमासान को लेकर आज का दिन बेहद अहम है क्योंकि उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन की मियाद आज ख़त्म हो रही है। मामले पर आज ही सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी होनी है। पिछली सुनवाई में केंद्र की अर्ज़ी पर सुप्रीम कोर्ट ने 27 अप्रैल तक उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन का आदेश दिया था।
न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति शिवकीर्ति सिंह के पीठ के समक्ष होने वाली इस सुनवाई में यह देखने वाली बात होगी कि यह रोक आगे भी जारी रहेगी या नहीं। यह सुनवाई इस मामले में भी अहम है कि क्या सुप्रीम कोर्ट इस पर गौर करेगा कि 29 अप्रैल को प्रस्तावित बहुमत परीक्षण होगा या नहीं?
उत्तराखंड कांग्रेस के बाग़ी विधायकों की याचिका पर भी आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सीएम हरीश रावत और स्पीकर को नोटिस जारी किया था।
वहीं बजट सत्र दौरान संसद के दोनों सदनों में उत्तराखंड के मुद्दे पर जमकर संग्राम हुआ। भाजपा और कांग्रेस सांसदों के हंगामे के चलते राज्यसभा इस मुद्दे पर कई बार स्थगित हुई और लोकसभा में प्रश्नकाल में नारेबाजी होती रही।
लोकसभा में मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरकार संविधान दिवस, संविधान निर्माता अंबेडकर की जयंती मनाती है लेकिन दूसरी ओर लोकतांत्रिक ढंग से चुनी विपक्षी सरकारों को अस्थिर करती है। अगर विपक्षी सरकार को अस्थिर करने की कोशिश जारी रही तो देश में लोकतंत्र नहीं बचेगा। बाद में कई कांग्रेस सांसद सदन में धरने पर बैठ गए।
वहीं, राज्यसभा में हंगामे के चलते कार्यवाही नहीं हो सकी और सदन दिनभर के लिए स्थगित हो गया। कांग्रेस को संसद मेंअन्य दलों का भी साथ मिला। मंगलवार को भी यह मुद्दा संसद में छाया रहेगा।